प्रधान निदेशक रक्षा संपदा भावना सिंह ने छावनी परिषद के अभियान की सराहना की, तीन माह में इकोलॉजिकल पार्क विकसित करने की योजना
बरेली: नकटिया नदी के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बरेली छावनी परिषद की ओर से चलाए जा रहे व्यापक अभियान का शुक्रवार को निरीक्षण एवं समीक्षा की गई। प्रधान निदेशक रक्षा संपदा, मध्य कमान लखनऊ श्रीमती भावना सिंह ने नकटिया नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रमदान और वृक्षारोपण में भी भाग लिया।
अभियान की कार्ययोजना की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान बरेली छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने नकटिया नदी पुनर्जीवन अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नदी की सफाई, कचरा हटाने, नदी तट के सौंदर्यीकरण, वेटिवर सहित विभिन्न पौधों के रोपण और जनसहभागिता से जुड़ी कार्ययोजना के बारे में बताया। डॉ. तनु जैन ने बताया कि अभियान को केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
भावना सिंह ने किया श्रमदान और वृक्षारोपण
प्रधान निदेशक रक्षा संपदा भावना सिंह ने स्वयं नकटिया नदी का निरीक्षण किया और अभियान के तहत श्रमदान तथा वृक्षारोपण किया। उन्होंने नदी के पुनर्जीवन के लिए छावनी परिषद की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में इस पहल को जनभागीदारी के व्यापक अभियान में बदलने के प्रयास की प्रशंसा की।
जनभागीदारी को बताया जरूरी
भावना सिंह ने कहा कि नदी का पुनर्जीवन केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, संस्थानों और विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने इस पहल के लिए डॉ. तनु जैन को पूर्ण सहयोग और समर्थन का भरोसा दिलाया।
तीन माह में तैयार होगा इकोलॉजिकल पार्क
डॉ. तनु जैन ने बताया कि आगामी तीन माह में नकटिया नदी के आसपास एक विकसित इकोलॉजिकल पार्क तैयार करने की योजना है। यह पार्क आमजन के लिए आकर्षक हरित स्थल होने के साथ-साथ पर्यावरण शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने का केंद्र बनेगा। छावनी परिषद का प्रयास है कि नकटिया नदी के पुनर्जीवन के साथ इसके आसपास के क्षेत्र को भी विकसित कर पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता का बेहतर उदाहरण बनाया जाए।
