रामलीला मैदान की तस्वीर दिखाकर भाजपा ने खाली कुर्सियों का किया दावा, राहुल गांधी के 2024 चुनाव को गैर-कानूनी बताने वाले बयान पर भी उठाए सवाल
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की अगुवाई में हुई इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ को भारतीय जनता पार्टी ने फ्लॉप करार दिया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात कही गई थी, लेकिन मैदान का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा खाली रहा। उन्होंने राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इतनी पार्टियों और झंडों को एक साथ लाने के बावजूद गठबंधन अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा पाया।
खाली कुर्सियों की तस्वीर दिखाकर भाजपा ने उठाए सवाल
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रैली की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि रामलीला मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था। उनके मुताबिक, रैली में 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिनमें दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच करीब 5 हजार से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 10 लाख लोगों के आने का दावा किया गया था, तो इतनी बड़ी संख्या में लोग कहां थे? पात्रा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि केवल राजनीतिक दलों और झंडों को एक मंच पर लाने से प्रधानमंत्री नहीं बना जा सकता। प्रधानमंत्री बनने के लिए पसीना और मेहनत करनी पड़ती है।
राहुल गांधी को बताया गैर-कानूनी नेता प्रतिपक्ष
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव को कथित तौर पर गैर-कानूनी बताए जाने वाले बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 2024 के चुनाव के दौरान चुनाव आयुक्त नहीं थे, बल्कि 2025 में इस पद पर नियुक्त हुए थे। पात्रा ने तर्क दिया कि यदि राहुल गांधी 2024 के चुनाव को गैर-कानूनी मानते हैं, तो उसी चुनाव से बनी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी भूमिका पर भी सवाल उठता है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि चुनाव में अनियमितता हुई थी, तो उसे अदालत में चुनौती दी जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक, ढाई साल बाद किसी चुनाव को केवल मंच से गैर-कानूनी नहीं ठहराया जा सकता।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा था निशाना
इससे पहले रामलीला मैदान में आयोजित महारैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश के लोकतंत्र और संविधान पर हमला किया जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा था। राहुल गांधी ने कहा था कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को अपना संदेश दे दिया है। यह किसी राजनीतिक दल या नेता की नहीं, बल्कि देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज है। उन्होंने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा के विधानसभा चुनावों के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कथित धांधली के आरोप लगाए थे।
