गोशालाओं में सीसीटीवी, बाउंड्रीवाल, हरे चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने पर जोर, महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा
बरेली: जिले की सड़कों पर निराश्रित गोवंश घूमता हुआ नहीं दिखना चाहिए। सभी निराश्रित गोवंश को सुरक्षित तरीके से गोशालाओं तक पहुंचाया जाए और वहां उनके संरक्षण, देखभाल तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए। रविवार को सर्किट हाउस सभागार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर ये निर्देश दिए। बैठक में अपर निदेशक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पराग के महाप्रबंधक और पशु चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
पशुधन मंत्री ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट, गोकाष्ठ और गोदीप निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने इन गतिविधियों से महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ने पर जोर दिया, ताकि गोशालाओं की आय बढ़ने के साथ महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गोशाला में सीसीटीवी कैमरे और बाउंड्रीवाल की व्यवस्था होनी चाहिए। गोवंश के लिए हरे चारे, भूसे, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गोशालाओं में दूध देने वाली गायों को रखने के साथ नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से बेहतर गोवंश संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाए।
गोवंश के संरक्षण के लिए नियमित धनराशि की व्यवस्था
धर्मपाल सिंह ने गोशालाओं को राज्य वित्त आयोग से नियमित धनराशि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोवंश के संरक्षण के साथ उनकी देखभाल और गोशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दुग्ध समितियों का होगा विस्तार, किसानों को समय से मिले भुगतान
बैठक में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गांव-गांव दुग्ध समितियों का विस्तार करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने दूध की गुणवत्ता बनाए रखने और किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए दोनों क्षेत्रों को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। इसके साथ ही दीपावली के अवसर पर पराग की ओर से लोगों को गुणवत्तापूर्ण और स्वादिष्ट मिठाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
