जर्जर भवनों में छात्राओं की परीक्षा कराने की तैयारी पर सवाल, कहीं 10 किलोमीटर से ज्यादा दूर आवंटित किए गए परीक्षा केंद्र,पुराने केंद्रों को सूची से बाहर करने और क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आवंटित करने पर भी विरोध
बरेली : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 शुरू होने से पहले ही बरेली में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी 130 प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की अनंतिम सूची पर विद्यालय प्रबंधनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। किसी ने जर्जर भवनों में परीक्षा कराने की तैयारी पर आपत्ति जताई है, तो कहीं विद्यार्थियों को 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने का मुद्दा उठाया गया है। इसके अलावा पुराने परीक्षा केंद्रों को सूची से बाहर करने और कुछ विद्यालयों में निर्धारित क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन पर भी नाराजगी सामने आई है। स्थिति यह है कि प्रस्तावित सूची जारी होने के बाद अब तक शिक्षा विभाग को 107 आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने के बाद परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। अब शिक्षा विभाग इन आपत्तियों का परीक्षण करा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा और किन प्रस्तावों में बदलाव किया जाएगा।
130 प्रस्तावित केंद्रों की सूची जारी होते ही शुरू हुआ विरोध
यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बरेली जिले में 130 विद्यालयों को अनंतिम परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किया है। सूची जारी होने के बाद विद्यालय प्रबंधनों ने केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। आपत्तियों में मुख्य रूप से परीक्षा केंद्रों की भौतिक स्थिति, विद्यार्थियों की सुरक्षा, विद्यालयों की दूरी और उपलब्ध संसाधनों को लेकर शिकायतें की गई हैं। विद्यालय प्रबंधनों का कहना है कि परीक्षा केंद्र निर्धारित करते समय केवल ऑनलाइन उपलब्ध आंकड़ों को आधार बनाना पर्याप्त नहीं है। संबंधित विद्यालयों के भवन, कक्षों की उपलब्धता, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी मौके पर सत्यापन होना चाहिए, ताकि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जर्जर भवनों में छात्राओं की परीक्षा कराने पर उठे सवाल
परीक्षा केंद्रों की सूची में सबसे गंभीर आपत्तियों में शांति अग्रवाल कन्या इंटर कॉलेज और मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज का मामला शामिल है।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन दोनों विद्यालयों के भवनों की स्थिति जर्जर है और वहां निर्माण कार्य भी चल रहा है। ऐसे में इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने की स्थिति में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय प्रबंधनों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन से पहले भवनों की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। यदि भवन सुरक्षित नहीं हैं या निर्माण कार्य के कारण परीक्षा संचालन प्रभावित होने की आशंका है, तो ऐसे विद्यालयों को केंद्र बनाने पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।
10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर परीक्षा केंद्र,बढ़ेगी मुश्किल
परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर भी कई आपत्तियां सामने आई हैं।आंबेडकर उत्तर माध्यमिक विद्यालय फतेहगंज और टीडीएम नेशनल स्कूल दौलतपुर के परीक्षार्थियों को 10 किलोमीटर से अधिक दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने की शिकायत की गई है। विद्यालय प्रबंधनों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए इतनी लंबी दूरी तय करना आसान नहीं होगा। खासकर सुबह की पाली में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को समय से केंद्र तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। परिवहन की सीमित सुविधाओं के चलते छात्राओं और दूरदराज के गांवों से आने वाले परीक्षार्थियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।इसके साथ ही राजकीय हाईस्कूल औरंगाबाद और राजकीय हाईस्कूल मोहम्मदपुर में परीक्षा संचालन के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने इन विद्यालयों की व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग की है।
पुराने परीक्षा केंद्रों को सूची से बाहर करने पर नाराजगी
इस बार परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में पुराने केंद्रों को हटाए जाने का मुद्दा भी विवाद की वजह बना हुआ है। पिछले वर्ष परीक्षा केंद्र रहे केसर इंटर कॉलेज बहेड़ी और जीबी पंत इंटर कॉलेज बहेड़ी को वर्ष 2027 की प्रस्तावित सूची में जगह नहीं मिली है। इन विद्यालयों की ओर से दोबारा परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग उठाई गई है। विद्यालय प्रबंधनों का कहना है कि यदि पिछले वर्ष इन विद्यालयों में परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई थी, तो इस बार इन्हें सूची से बाहर रखने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। वहीं, एमजीएम इंटर कॉलेज बहेड़ी में निर्धारित क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन की शिकायत सामने आई है। विद्यालय प्रबंधन ने आवंटित परीक्षार्थियों की संख्या कम करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को आवंटित करने से परीक्षा के दौरान बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
107 आपत्तियों की जांच में जुटा शिक्षा विभाग
परीक्षा केंद्रों की अनंतिम सूची पर मिली शिकायतों को लेकर शिक्षा विभाग ने परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार के मुताबिक यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाता है।अनंतिम सूची जारी होने के बाद अब तक कुल 107 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। विभाग इन सभी आपत्तियों का परीक्षण करा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी परीक्षार्थियों की अंतिम संख्या उपलब्ध नहीं है। विद्यार्थियों की नामावली जनरेट होने के बाद ही प्रत्येक विद्यालय में आवंटित होने वाले परीक्षार्थियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी। इसके बाद केंद्रों की क्षमता और परीक्षार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए आगे की स्थिति साफ होगी।
अब अंतिम सूची पर टिकी निगाहें
फिलहाल बरेली में यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए प्रस्तावित 130 केंद्रों और उन पर मिली 107 आपत्तियों को लेकर शिक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। अब देखना होगा कि भौतिक सत्यापन और शिकायतों के परीक्षण के बाद कितने प्रस्तावित केंद्रों में बदलाव किया जाता है। सबसे बड़ा सवाल विद्यार्थियों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की दूरी और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का है। बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए केंद्र निर्धारण में पारदर्शिता और व्यवस्थाओं की वास्तविक जांच बेहद जरूरी है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच और परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची पर टिकी हैं।
