लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के बीच सवाल-जवाब और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिसमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास, तुष्टिकरण, बांग्लादेश मुद्दा और सपा सरकार के कार्यकाल के कई फैसले चर्चा के केंद्र में रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने प्रतिप्रश्न करते हुए बांग्लादेश से जुड़े एक मुद्दे पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि नेता सदन को कैसे पता कि बांग्लादेश में जिसकी हत्या हुई है वह दलित है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत ने शरण दी है, ऐसे में भारत सरकार को बांग्लादेश के मुद्दे पर प्रभावी और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले ही उत्तर प्रदेश का बहुत नुकसान कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से हर मुद्दे को जातीय चश्मे से देखने से बचने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है और चुनौतियां जरूर होंगी, लेकिन सरकार हर मुश्किल का सामना करते हुए आगे बढ़ रही है। अपने भाषण में उन्होंने एक शेर के जरिए विपक्ष को जवाब दिया,“राह में मुश्किल होगी हजार, तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही, हो जाएगा हर सपना साकार, तुम चलो तो सही।”
मुख्यमंत्री योगी ने तुष्टिकरण की राजनीति पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की नीति के कारण ही पाकिस्तान और बांग्लादेश का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में एक दलित हिंदू की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, लेकिन जो लोग गाजा पट्टी पर आंसू बहाते हैं, उनके मुंह से इस मुद्दे पर एक शब्द नहीं निकला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लिए दलित, किसान और महिलाएं सिर्फ वोट बैंक हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों और रोहिंग्याओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, तो यही लोग विरोध करेंगे, क्योंकि उनमें से कई इनके वोट बैंक का हिस्सा हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने सपा सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों और कथित घोटालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि जेपीएनआईसी परियोजना पौने दो सौ करोड़ की थी, जिस पर 860 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी वह अधूरी है। गोमती रिवर फ्रंट परियोजना 167 करोड़ की थी, लेकिन 1400 करोड़ खर्च होने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी। वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार में 15,200 करोड़ रुपये तय किए गए थे, जबकि उनकी सरकार ने उसी एक्सप्रेस-वे को 11,400 करोड़ रुपये में पूरा करके दिखाया।
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बनाया है। आज व्यापारियों से गुंडा टैक्स नहीं लिया जाता। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि आज अगर कोई गुंडा किसी बेटी को छेड़ता है, तो उसे पता है कि जल्द ही उसे कड़ी सजा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के आर्थिक सुधारों के कारण उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने नौ लाख सरकारी नौकरियां दी हैं और भर्तियों में पूरी पारदर्शिता रखी गई है। नकल माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए भर्ती बोर्ड में रिटायर्ड डीजीपी को बैठाया गया है। उन्होंने कहा कि सज्जनों की सुरक्षा और दुर्जनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही सरकार की प्राथमिकता है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सरकार से समभाव से काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शपथ लेते हैं कि बिना भय और पक्षपात के काम करेंगे, लेकिन बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए और शपथ का पालन होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने दो टूक कहा कि किसी का नाम या चेहरा देखकर योजनाओं का लाभ देना उनके लिए पाप है। सरकार सभी को समान रूप से योजनाओं का लाभ दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहचान बदली है और अब उत्तर प्रदेश सुरक्षा, विकास और विश्वास का नया उदाहरण बन चुका है।
