स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता, प्रदूषण, महंगाई और SIR पर उठाए सवाल, बोले- गरीबों को फ्री इलाज और हेल्थ में बड़ा निवेश जरूरी
भुवनेश्वर/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में विजन इंडिया प्रोग्राम के तहत आयोजित होलिस्टिक हेल्थ समिट को संबोधित करते हुए देश की स्वास्थ्य व्यवस्था, पर्यावरण, सामाजिक हालात और सरकारी नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “हेल्थ प्रिवेंटिव कॉन्सेप्ट है, लेकिन जब हेल्थ सर्विसेज फेल हो जाती हैं तो मेडिकल सर्विसेज शुरू होती हैं। जरूरत इस बात की है कि लोग बीमार ही न पड़ें।”अखिलेश यादव ने साफ कहा कि “हेल्दी इंडिया सिर्फ नारा नहीं, बल्कि एक मिशन होना चाहिए।”उन्होंने कहा कि किसी राज में इतने मंदिर नहीं तोड़े गए हैं, जितने मंदिर भाजपा के राज में तोड़े गए हैं।
स्वास्थ्य सिर्फ इलाज नहीं, माहौल से भी जुड़ा है

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि होलिस्टिक हेल्थ का मतलब केवल इलाज नहीं, बल्कि फिजिकल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, फिटनेस, हेल्दी फूड, पॉजिटिव सोशल सपोर्ट और बेहतर वर्किंग कंडीशन से है। उन्होंने कहा कि आज नकारात्मक माहौल, सोशल मीडिया पर फैलती नेगेटिविटी, सामाजिक और राजनीतिक वातावरण भी लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा “इंदौर को सफाई का अवॉर्ड मिलता है, लेकिन उसी शहर में दूषित पानी से मौतें हो जाती हैं। दिल्ली का प्रदूषण, जल-ध्वनि-वायु प्रदूषण सीधे हमारी हेल्थ पर असर डालते हैं।”
पीएचसी-सीएचसी बदहाल, इमरजेंसी सेवाएं खत्म
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य ढांचे की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में होलिस्टिक हेल्थ की स्थिति महज 30 फीसदी है। उन्होंने कहा कि पीएचसी और सीएचसी की हालत खराब है, आपातकालीन सेवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं और उत्तर प्रदेश में तो “इमरजेंसी सेवाओं की मौत हो गई है।”मानसिक स्वास्थ्य पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इसके लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, जबकि आशा वर्करों से ज्यादा काम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सुरक्षा नहीं दी जाती।
योग पर भाषण, स्कूलों में सिस्टम नहीं-अखिलेश यादव का तंज
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने योग को लेकर सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा “योग पर बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं, लेकिन स्कूल -कॉलेजों में बच्चों को व्यवस्थित तरीके से ग्रो करने का कोई सिस्टम नहीं है।”उन्होंने कहा कि पर्यावरण, जल शुद्धता और औद्योगिक कचरे जैसे मुद्दों को स्वास्थ्य से अलग करके नहीं देखा जा सकता।
फ्री इलाज और हेल्थ में निवेश की वकालत

प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि “हम इस पक्ष में हैं कि गरीब का इलाज पूरी तरह फ्री हो।”उन्होंने याद दिलाया कि समाजवादी सरकार के दौरान सभी जांचें मुफ्त थीं और विधायकों को क्षेत्र निधि से इलाज के लिए 25 लाख रुपये तक मदद देने की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि बीमारी व्यक्ति को दोहरा नुकसान देती है। इलाज का खर्च और रोजगार का नुकसान। इसलिए सरकारों को स्वास्थ्य पर खर्च नहीं, बल्कि निवेश करना चाहिए।
टेली मेडिसिन, डिजिटल हेल्थ और AI पर जोर
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने भविष्य की स्वास्थ्य नीति का खाका रखते हुए कहा कि टेली मेडिसिन को हर पंचायत से जोड़ा जाएगा। मोबाइल पर डॉक्टर की सलाह उपलब्ध होगी। जांचों की होम सर्विस दी जाएगी। AI के जरिए हेल्थ जियोग्राफी पर नजर रखी जाएगी। CSR फंड का बड़ा हिस्सा हेल्थ सेक्टर में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डाइट, योग, फिटनेस, डेंटल, फैमिली प्लानिंग, सबको जोड़कर 360 डिग्री हेल्थ मॉडल अपनाना होगा।
SIR में जताई घोटाले की आशंका
प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने SIR को लेकर घोटाले की आशंका जताई और कहा कि अगर “नकली फॉर्म-6 भरवाए गए तो FIR कराई जाएगी।” उन्होंने ईवीएम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “मैं 80 लोकसभा सीटें जीत जाऊं, तब भी ईवीएम को पसंद नहीं करूंगा।”महंगाई, बिजली, खाद और सिंचाई की बढ़ती लागत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसान की लागत बढ़ रही है, लेकिन सरकार मुनाफा नहीं दे रही। इस दौरान सांसद राजीव राय, पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्र और पूर्व आईएएस आलोक रंजन, सुनील साजन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे
अनंतराम जायसवाल की 11वीं पुण्यतिथि पर किया याद

वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय अनंतराम जायसवाल की 11वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को सपा के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से जायसवाल जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल,पूर्व सांसद अरविंद सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने स्व.अनंतराम जायसवाल के समाजवादी विचारधारा के प्रति योगदान को याद करते हुए उन्हें सच्चा जननेता बताया। श्रद्धांजलि सभा में उनके परिवारजन भी शामिल हुए।
