मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के स्कूलों में जल्द ही पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब बच्चों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा देने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत छात्रों को मोबाइल के बजाय टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे पढ़ाई से जुड़ी सामग्री का बेहतर उपयोग कर सकें।
यह जानकारी प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के माध्यम से शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। एआई आधारित पढ़ाई से छात्रों का समझने का स्तर बढ़ेगा और वे नई चीजें आसानी से सीख सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि आज के समय में मोबाइल का उपयोग अधिकतर मनोरंजन के लिए किया जा रहा है, जिससे छात्रों का ध्यान पढ़ाई से भटकता है। ऐसे में टैबलेट के जरिए उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा और वे पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सम्मान मिलना हर छात्र के लिए गर्व की बात होती है, लेकिन इससे माता-पिता को सबसे अधिक खुशी मिलती है। छात्रों को चाहिए कि वे लगातार मेहनत करें और अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी लगन से प्रयास करें।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को कौशल विकास पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि केवल एक भाषा का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अन्य देशों की भाषाओं को भी सीखना जरूरी है। इससे रोजगार के नए अवसर खुलते हैं। उन्होंने बताया कि विदेशों में भी रोजगार के अच्छे अवसर हैं, लेकिन वहां काम करने के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान आवश्यक होता है। इसलिए छात्रों को नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ अपने कौशल को भी विकसित करना चाहिए।
मंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे बदलते समय के साथ खुद को तैयार करें और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहें। उनका कहना था कि आने वाला समय तकनीक का है और जो छात्र तकनीक को अपनाएंगे, वही आगे बढ़ पाएंगे।