बरेली : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड प्रारंभिक परीक्षा-2025 शनिवार से बरेली में शुरू हो गई। जिले के 21 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन की परीक्षा कड़ी निगरानी और सख्त नियमों के बीच संपन्न हुई। दो दिनों में कुल 28,132 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने हैं। हालांकि, पहले ही दिन चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया, जब पहली पाली में 71.08 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
पहली पाली शांतिपूर्ण, लेकिन भारी अनुपस्थिति
शनिवार को सुबह 9 से 11 बजे तक पहली पाली में जनरल स्टडीज और सोशल साइंस की परीक्षा कराई गई। इसमें 9,764 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, लेकिन केवल 2,824 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 6,940 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यह जानकारी परीक्षा प्रभारी अधिकारी एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने दी।अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 7:30 बजे से शुरू हुआ और 8:15 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया।
दूसरी पाली में भी प्रशासन अलर्ट
शनिवार को ही दूसरी पाली में दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक जनरल स्टडीज और बायोलॉजी की परीक्षा 16 केंद्रों पर कराई जा रही है। इसमें 7,104 अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी केंद्रों पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और उड़नदस्तों की तैनाती की गई है।
रविवार को दो पालियों में परीक्षा
रविवार को भी परीक्षा दो पालियों में होगी। सुबह 9 से 11 बजे तक जनरल स्टडीज और अंग्रेजी, 19 केंद्रों पर 8,832 अभ्यर्थी एग्जाम देंगे। इसके साथ ही शाम 3 से 5 बजे तक जनरल स्टडीज और फिजिकल एजुकेशन, 6 केंद्रों पर 2,400 अभ्यर्थी एग्जाम देंगे। यह एग्जाम बरेली कॉलेज, बरेली इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, एफआर इस्लामिया, साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज, जीआईसी और सीबीगंज इंटर कॉलेज समेत कई प्रमुख संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
रेलवे और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
एलटी ग्रेड परीक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। बरेली, मुरादाबाद और शाहजहांपुर स्टेशनों पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है। परीक्षा छूटने के समय प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर और पूछताछ केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।सख्त नियमों के बीच परीक्षा परीक्षा में केवल काली स्याही के बॉल प्वाइंट पेन की अनुमति है। कैलकुलेटर, मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ग्राफ शीट, मानचित्र समेत किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। परीक्षा के अंतिम आधे घंटे में किसी भी अभ्यर्थी को कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अनुपस्थिति बना चर्चा का विषय
पहली पाली में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की गैरहाजिरी शिक्षा जगत और प्रशासन दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके पीछे अभ्यर्थियों की तैयारी, परीक्षा पैटर्न और भर्ती प्रक्रिया में देरी जैसे कारणों पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल प्रशासन का दावा है कि परीक्षा निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से कराई जा रही है और किसी भी गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
