चंडीगढ़: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार का मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में आयोजित अंतिम संस्कार में उनके परिवार, बेटियों और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। श्मशान घाट के बाहर पुलिस जवानों की कड़ी तैनाती की गई थी, ताकि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
इस अवसर पर हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें राजेश खुल्लर, सुधीर राजपाल, पंकज गुप्ता, डीजीपी ओपी सिंह, आईपीएस मोहम्मद अकील और एडीजीपी आलोक मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। आईएएस पंकज अग्रवाल और आईएएस राज नारायण कौशिक भी सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास पहुंचे।
पोस्टमार्टम प्रक्रिया पीजीआई चंडीगढ़ में संपन्न हुई। हरियाणा कैडर के एडीजीपी वाई पूरण कुमार का शव लगभग चार घंटे तक विस्तृत पोस्टमार्टम प्रक्रिया से गुजरा। पीजीआई की तरफ से बताया गया कि पोस्टमार्टम गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया गया। रिपोर्ट विशेष जांच दल (SIT) के अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके बाद पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक परिजनों को सौंपा गया।
इस बीच, एडीजीपी की आत्महत्या की घटना के नौ दिन बाद हरियाणा सरकार ने राहत की सांस ली। इस मामले में 31 सदस्यीय पैदल मार्च की योजना को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। समिति के सदस्य रेशम सिंह ने बताया कि सेक्टर-17 से तय पैदल मार्च को रद्द कर दिया गया है और आगे की रणनीति पर बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से परिवार को न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, लेकिन सामाजिक और मानवीय दृष्टि से पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
अमनीत पी कुमार, एडीजीपी वाई पूरण कुमार की पत्नी ने बताया कि उन्होंने अपने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने में सहमति दी है। उन्होंने कहा कि यूटी पुलिस द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी जांच और हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्होंने पूरी प्रक्रिया का समर्थन किया। पोस्टमार्टम का संचालन मजिस्ट्रेट की देखरेख में, बैलिस्टिक विशेषज्ञ की उपस्थिति में और पूरी पारदर्शिता के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से किया गया।
अमनीत ने यह भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। उनका मानना है कि जांच पेशेवर, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से होगी, ताकि सत्य सामने आए। उन्होंने जांच दल को सहयोग देने का आश्वासन दिया और मीडिया से अनुरोध किया कि वे मामले की संवेदनशीलता का सम्मान करें।
इस प्रकार, एडीजीपी वाई पूरण कुमार का अंतिम संस्कार न केवल राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ बल्कि पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया को भी पूरी पारदर्शिता और विधिक मानकों के अनुरूप किया गया। इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के प्रति लोगों के मन में सम्मान और संवेदनशीलता दोनों को प्रदर्शित किया।
