बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक अनोखा और सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने पूरे शादी समारोह को चौकन्ना कर दिया। बारात तो तय समय पर पहुंची, लेकिन दूल्हा मंडप में मौजूद नहीं था। उसकी जगह उसकी पहली पत्नी होने का दावा करने वाली महिला लक्ष्मी वकील और पुलिस के साथ शादी स्थल पर पहुंच गई और विवाह समारोह को रोक दिया।
भुआलछपरा गांव के रहने वाले राजेश पांडेय पुत्र राजगोपाल पांडेय की शादी दोकटी थाना क्षेत्र की एक लड़की से तय हुई थी। तय दिन लालगंज के एक लग्जरी लॉज में बारात और दुल्हन अपने परिजनों के साथ मंडप में मौजूद थे। शादी को लेकर दोनों परिवार और रिश्तेदार उत्साहित थे और दूल्हे का इंतजार कर रहे थे।
लेकिन इसी दौरान झारखंड के खरसांवा जिले की रहने वाली लक्ष्मी, जो खुद को राजेश की पहली पत्नी बता रही थी, अपने वकील और दोकटी पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। उसने घोषणा की कि राजेश उसका कानूनी पति है और दोनों की कोर्ट मैरिज को दस साल हो चुके हैं। लक्ष्मी ने बताया कि राजेश ने उसके खिलाफ तलाक का मुकदमा बलिया कोर्ट में दायर किया है, लेकिन यह मामला अभी निपटा नहीं है। ऐसे में राजेश दूसरी शादी नहीं कर सकता।
लक्ष्मी के इस कदम ने शादी में उपस्थित सभी लोगों को हैरान कर दिया। दुल्हन और उसके परिजन तो दंग रह गए। वहीं बारातियों में भी हड़कंप मच गया। शादी स्थल पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को शांत किया। वकील ने भी कानूनी प्रक्रिया और तलाक मामले की जानकारी दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला काफी संवेदनशील है और ऐसे विवादों के चलते शादी समारोह में भारी अड़चनें आ सकती हैं। पुलिस ने शादी स्थल पर दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर शांत कराया और मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी।
