तिरुवल्ला-केरल : केरल में चुनावी माहौल तेज हो चुका है और इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तिरुवल्ला में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्षी दलों कांग्रेस, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा पर जमकर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ चुनावी फायदे और राजनीतिक लाभ के लिए देशहित को भी दांव पर लगाने से पीछे नहीं हटती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति का असर विदेशों में रह रहे भारतीयों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ से अधिक प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करना बेहद गंभीर विषय है, लेकिन कांग्रेस इसे भी नजरअंदाज कर रही है।
प्रवासी भारतीयों को लेकर कांग्रेस पर आरोप
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मंशा खतरनाक है। वह चाहती है कि पश्चिम एशिया के देश भारत को गलत नजर से देखें और संबंधों में तनाव पैदा हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ बयान ऐसे होते हैं, जो खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि देश में डर और अस्थिरता का माहौल बनाया जा सके और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा सके।
सबरीमाला मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल की आस्था और संस्कृति से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में वामपंथी और कांग्रेस की राजनीति के चलते धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सबरीमाला तीर्थ का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जो कुछ भी हुआ, वह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि सबरीमाला से जुड़े मामलों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार की भूमिका रही है और इसके तार कांग्रेस के कुछ नेताओं से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो फिर इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को क्यों नहीं सौंपी जा रही है।
झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी दलों का स्वभाव बन गया है कि वे हर मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाते हैं और जनता को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि जब नागरिकता संशोधन कानून लाया गया था, तब विपक्ष ने देशभर में भ्रम फैलाने की कोशिश की, लेकिन अब सच्चाई सामने आ चुकी है और देश को कोई नुकसान नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब भी किसी मुद्दे पर सच्चाई सामने आती है, तो विपक्ष उसे झूठ साबित करने की कोशिश करता है। उन्होंने फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वास्तविक घटनाओं पर आधारित विषय सामने आते हैं, तो उन्हें भी झूठ बताकर विवाद खड़ा किया जाता है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा और कहा कि इस विषय पर भी लोगों को गुमराह किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास और एकता के लिए जरूरी मुद्दों पर विपक्ष जिम्मेदार रवैया नहीं अपना रहा है। अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की कि वे ऐसे दलों से सतर्क रहें, जो राजनीति के लिए देश की एकता, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश का विकास और हर नागरिक का कल्याण है, और इसी दिशा में काम किया जा रहा है।
