नई दिल्ली : आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपना 140वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पार्टी के 140 वर्षों के गौरवशाली इतिहास व योगदान को याद किया। ध्वजारोहण समारोह में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने देशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा से भारतवासियों के कल्याण, सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए काम करती रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को मुंबई में हुई थी और आज पार्टी अपने 140 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर गर्व करती है। खरगे ने कहा कि बीते दशकों में करोड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने देश के लिए संघर्ष किया, जेल गए और आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप भारत स्वतंत्र हुआ।
इस दौरान खरगे ने कांग्रेस पार्टी के संस्थापकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस हमेशा उसी भारत के निर्माण के लिए काम करती रहेगी, जिसकी कल्पना उसके संस्थापकों ने की थी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में गरीबों, किसानों और आम जनता ने आजादी की लड़ाई लड़ी। खरगे ने यह भी कहा कि आज संविधान और लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है, जिसे बचाने की जिम्मेदारी कांग्रेस निभाएगी। उन्होंने महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन नेताओं ने देश की एकता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता के लिए अपने जीवन की आहुति दी।
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता और डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस और यूपीए सरकार ने जनता के अधिकारों को मजबूत किया। उन्होंने बताया कि आरटीआई, आरटीई, खाद्य सुरक्षा कानून, मनरेगा, वन अधिकार कानून और भूमि अधिग्रहण कानून जैसे ऐतिहासिक फैसले उसी दौर में लिए गए, जिनसे आम जनता को सीधे तौर पर लाभ मिला।
अपने संबोधन में खरगे ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों में मौजूदा सरकार ने कांग्रेस द्वारा स्थापित संस्थानों को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस-भाजपा नेता राष्ट्रीय ध्वज, संविधान, अशोक चक्र और वंदे मातरम का अनादर कर रहे हैं और जनता के अधिकारों को दबाया जा रहा है।
गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को मुंबई के दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में 72 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई थी। पार्टी के संस्थापक महासचिव ए.ओ. ह्यूम थे और व्योमेश चंद्र बनर्जी इसके पहले अध्यक्ष बने थे। स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेस ने एक बार फिर अपने आदर्शों, लोकतांत्रिक मूल्यों और देशभक्ति के संकल्प को दोहराया।
