भारी बारिश से गौशालाओं में भरा पानी, ठंड और बीमारी से पशुओं की मौत का दावा; हिंदू संगठनों ने उठाए सवाल
बदायूं: जिले में लगातार हुई बारिश से जहां धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है और कई कच्चे मकान ढह गए हैं, वहीं गौशालाओं में भी बारिश का असर देखने को मिला है। जिले की अलग-अलग गौशालाओं में पशुओं की मौत की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। कई जगह गौशालाओं में पानी भरने और पशुओं के ठंड व बीमारी की चपेट में आने की बात सामने आई है। पशुओं की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। हिंदू संगठनों का दावा है कि जिले की विभिन्न गौशालाओं में करीब 80 पशुओं की मौत हुई है, जबकि जिला प्रशासन ने फिलहाल 20 पशुओं की मौत की पुष्टि की है। मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है।
तीन गौशालाओं में पशुओं की मौत की सूचना
म्याऊं ब्लॉक की सलारपुर ग्राम पंचायत के ब्यौर, अभिगांव पंचायत और समरेर ब्लॉक की मनिकापुर कौर गौशालाओं में पशुओं की मौत की सूचना सामने आई है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक मनिकापुर गौशाला में 10, अभिगांव में करीब 55 और ब्यौर में 17 पशुओं की मौत की बात कही जा रही है। इन दावों के सामने आने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, जिला प्रशासन ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है और फिलहाल 20 पशुओं की मौत की बात कही है। प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति अलग-अलग गौशालाओं में पशुओं की स्थिति और मौत के कारणों की जांच कर रही है।
डीएम ने बनाई जांच समिति
जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति जिले की गौशालाओं में पशुओं की स्थिति, बारिश से हुए जलभराव और पशुओं की मौत से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। प्रशासन ने गौशालाओं में पशुओं के लिए चारे, पानी और अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गौशाला संचालक के खिलाफ एफआईआर
अभिगांव की अस्थायी गौशाला में पशुओं की मौत के मामले में प्रशासन ने गौशाला संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक संचालक प्रियंक कौशिक और दानवीर के खिलाफ पशु क्रूरता, गोवध से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा सरकारी धन के दुरुपयोग और चारा चोरी के आरोपों की भी जांच की जा रही है। अभिगांव के प्रशासक सत्यवीर सिंह की तहरीर पर उसावां थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
428 गौवंश के लिए रोजाना 21,400 रुपये का दावा
तहरीर के मुताबिक 26 सितंबर तक अभिगांव की गौशाला में 428 गौवंश मौजूद थे। इनके चारे-पानी की व्यवस्था के लिए शासन की ओर से प्रति पशु प्रतिदिन 50 रुपये दिए जाने की बात कही गई है। इस हिसाब से गौशाला के लिए प्रतिदिन करीब 21,400 रुपये और महीने में करीब 6.42 लाख रुपये की राशि मिलने का दावा किया गया है। गौशाला का संचालन शारदा सेवा समिति द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन की जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि गौशाला में पशुओं के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों और सरकारी धन का इस्तेमाल निर्धारित व्यवस्था के अनुसार हुआ या नहीं।
मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
गौशालाओं में पशुओं की मौत की संख्या को लेकर प्रशासन और हिंदू संगठनों के दावों में अंतर है। हिंदूवादी संगठनों की ओर से 50 से अधिक पशुओं की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि प्रशासन ने अभी 20 मौतों की पुष्टि की है। ऐसे में जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही मौतों की वास्तविक संख्या और उनके कारणों की तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
