बिल्सी-इस्लामनगर रोड पर खैरी गांव में चल रही थी कथित नकली खाद फैक्ट्री, कृषि विभाग की छापेमारी में पैकेजिंग मशीन और इंडियन पोटाश लिमिटेड के लेबल वाले बोरे मिले
बदायूं: किसान अपनी फसल को बचाने के लिए समय पर खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल करता है, लेकिन बदायूं में किसानों के साथ धोखाधड़ी का कथित बड़ा मामला सामने आया है। बिल्सी-इस्लामनगर रोड स्थित खैरी गांव में कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में कथित नकली पोटाश खाद बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई। मौके से तैयार खाद के 300 कट्टे, करीब 300 बोरी नमक, पैकेजिंग के बोरे और मशीन बरामद की गई है। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बंद लॉन और गोदाम में चल रहा था खेल
बताया गया कि खैरी गांव में बिल्सी-इस्लामनगर रोड पर एक लॉन और गोदाम स्थित है। यह परिसर अक्सर बंद रहता था। आरोप है कि इसी परिसर में कथित तौर पर नकली पोटाश खाद तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया। स्थानीय किसानों को भी इसकी भनक नहीं लगी कि परिसर के अंदर खाद तैयार करने का काम चल रहा है। कृषि विभाग को सूचना मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
300 कट्टे कथित नकली पोटाश बरामद
सूचना मिलने पर कृषि विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और परिसर में छापेमारी की। अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके पर खाद तैयार करने और उसकी पैकेजिंग से जुड़ा सामान मिला। छापेमारी के दौरान तैयार कथित नकली पोटाश के करीब 300 कट्टे बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 300 बोरी नमक भी मिला। जिन कट्टों में खाद पैक की गई थी, उन पर इंडियन पोटाश लिमिटेड का लेबल लगा हुआ बताया गया है। कृषि विभाग और पुलिस ने खाद के साथ पैकेजिंग के खाली बोरे, मशीन और अन्य सामान भी कब्जे में लिया है।
फैक्ट्री संचालक समेत 9 गिरफ्तार
कृषि अधिकारी मनोज रावत की तहरीर पर बिल्सी पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। तहरीर के मुताबिक सहसवान के पठान टोला निवासी आरिफ को फैक्ट्री का संचालक बताया गया है। मामले में आरिफ के अलावा विकास, फरियाद, सुनील, अजय, मुनीफ, संजू और सेवाराम समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कथित नकली खाद तैयार करने और उसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
कहां खपाया जा रहा था कथित नकली खाद का माल?
छापेमारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि तैयार की जा रही कथित नकली पोटाश खाद को कहां और किसके जरिए खपाया जाता था। जिस पैमाने पर खाद और पैकेजिंग का सामान बरामद हुआ है, उससे पुलिस और कृषि विभाग अब इसकी आपूर्ति से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तैयार माल किन दुकानदारों या अन्य माध्यमों के जरिए किसानों तक पहुंचाया जाता था।
दुकानदारों की भी हो सकती है पहचान
कृषि विभाग आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित नकली खाद की आपूर्ति से जुड़े दुकानदारों और अन्य लोगों को चिन्हित करने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी दुकानदार या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं।
