सपा प्रमुख बोले- BJP सरकार में हर वर्ग के लोग दुखी, बेरोजगारी,पेपर लीक,आरक्षण, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर साधा निशाना, बाबा साहेब की प्रतिमाओं को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 20 सितंबर को पार्टी की गतिविधियों और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने भाजपा सरकार पर बेरोजगारी, पेपर लीक, आरक्षण, महंगाई, किसानों और PDA से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने हर विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखने की बात कही। अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने मिलकर फैसला किया है कि हर विधानसभा में सपा के 27 हजार वोट बढ़ाने और भाजपा के 27 हजार वोट कम करने के लिए काम किया जाएगा। इस बयान की रिपोर्टिंग 20 सितंबर को भी हुई है।
बेरोजगारी और पेपर लीक का उठाया मुद्दा
सपा प्रमुख ने बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार का संकट है और सरकारी नौकरियों में उनके हक और आरक्षण से जुड़े सवाल लगातार उठते रहे हैं। पेपर लीक के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने दावा किया कि देश में जहां भी पेपर लीक हुए हैं, उनमें उत्तर प्रदेश में ऐसे मामले सबसे ज्यादा हुए हैं। उन्होंने सरकारी भर्तियों और आरक्षण से जुड़े मामलों की पार्टी की ओर से की गई ऑडिट का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार इन सवालों का जवाब दे।
गौरतलब है कि रोजगार और सरकारी नियुक्तियों को लेकर अखिलेश यादव पिछले दिनों भी योगी सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 सितंबर को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में अखिलेश के आरोपों का जवाब दिया था।
बाबा साहेब की प्रतिमाओं को लेकर गंभीर आरोप
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं और उनके सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बाबा साहेब, उनकी मूर्तियों और उनसे जुड़े लोगों का सम्मान नहीं करती।उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के दौरान 151 से ज्यादा प्रतिमाएं तोड़ी या क्षतिग्रस्त की गई हैं और प्रदेश के 72 जिलों में ऐसी घटनाओं की जानकारी सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामले ऐसे हैं जो उनके अनुसार दस्तावेजों में दर्ज नहीं हो पाए।
PDA अधिकारियों को लेकर सवाल
पूर्व सीएम ने चुनावी प्रक्रिया में अधिकारियों की भूमिका और PDA समाज की भागीदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के नियमों का पालन कराने और चुनाव से संबंधित जिम्मेदारियां निभाने वाले अधिकारियों में PDA समाज के लोगों की संख्या 10 प्रतिशत भी नहीं है। अखिलेश यादव ने चुनाव से पहले मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की बात भी कही है। इससे पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले मतदाता सूची की एक और समीक्षा की संभावना जताते हुए कार्यकर्ताओं से सावधान रहने को कहा था।
महंगाई और किसानों पर कही ये बात?
समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डीजल, पेट्रोल और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला।उन्होंने महंगाई को गरीबों की परेशानी से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए काम करेगी। उन्होंने किसानों की जमीन, मुआवजे और सर्किल रेट से जुड़े सवाल भी उठाए तथा अयोध्या में जमीन से जुड़े मामलों को उदाहरण के तौर पर सामने रखा।
BJP पर संविधान और गरीबों को लेकर साधा निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान और गरीबों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों को इसी संदर्भ में उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में जिस तरह से भाजपा सरकार में काम हुआ है, उससे हर वर्ग के लोग दुखी हैं। ये भी उनके राजनीतिक आरोप और मूल्यांकन हैं, न कि स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
