पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल अब अपनी रणनीति सुधारने में जुट गया है। मंगलवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पटना स्थित अपने एक पोलो रोड आवास पर वरिष्ठ नेताओं के साथ करीब चार घंटे तक लंबी समीक्षा बैठक की। चुनावी हार की पड़ताल के लिए बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता भी चुन लिया गया।
बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, विधायक आलोक मेहता, वरिष्ठ नेता रामानुज यादव समेत कई दिग्गज शामिल हुए। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और सांसद मीसा भारती भी बैठक में मौजूद रहीं।
हार पर मंथन, EVM पर सवाल
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने बैठक के बाद कहा कि तेजस्वी यादव अब विधानसभा में पार्टी के नेता होंगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में “EVM का दुरुपयोग हुआ है और जनता के साथ अन्याय किया गया है।”विधायक आलोक मेहता ने भी दावा किया कि बड़े पैमाने पर चुनावी गड़बड़ी हुई, जिसके कारण चौंकाने वाले परिणाम सामने आए और पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई।
हर प्रत्याशी का रिपोर्ट कार्ड खंगाला गया
राजद नेता रामानुज यादव ने बताया कि बैठक में सभी प्रत्याशियों से उनका “रिपोर्ट कार्ड” लेकर फीडबैक लिया गया। किन सीटों पर क्या गलती हुई, किस बूथ पर कमजोरी रही और किन इलाकों में राजद की पकड़ ढीली पड़ी—इन सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, चुनाव परिणाम को लेकर कोर्ट जाने के विकल्प पर भी बात हुई। राजद इस पर महागठबंधन के अन्य दलों से भी राय लेगा।
तेजस्वी यादव विधायक दल के नेता चुने गए
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चुनाव लड़ने वाले सभी नेताओं को बुलाया गया था। उनके सुझावों और समीक्षा के बाद सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया। बताया जा रहा है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यह पता करना था कि—आखिर हार की वजहें क्या रहीं? किन सीटों पर बेहद कम अंतर से हार मिली? सीमांचल और अन्य क्षेत्रों में पार्टी का जनाधार क्यों कमजोर पड़ा? राजद अब इन सभी सवालों पर गहराई से काम करेगा और आने वाले समय के लिए नई रणनीति तैयार करेगा।
