पटना/लखनऊ : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय हो गया है। जानकारी के मुताबिक, जनता दल यूनाइटेड (JDU) को 100 सीटें मिलेंगी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 143 सीटों के कोटे से अपने सहयोगियों, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को सीटें देगी।
जदयू एक तरफ, बाकी दल भाजपा कोटे में
इस बार बंटवारा साफ तौर पर दो हिस्सों में बंटा है, जदयू के खाते में 100 सीटें, और बाकी सभी सहयोगी भाजपा के हिस्से में भाजपा अपने कोटे से लगभग 100+ सीट अपने पास रखकर बाकी सहयोगियों में बांटेगी। नीतीश कुमार अपने दिल्ली दौरे के दौरान इसी फॉर्मूले पर चर्चा कर चुके हैं।
चिराग, मांझी और कुशवाहा पर भाजपा की जिम्मेदारी
चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, लेकिन भाजपा 20 से अधिक सीटें देने के मूड में नहीं है। जीतन राम मांझी की हम पार्टी अब भाजपा कोटे में है, और उन्हें संतुष्ट करने के लिए समझौता चल रहा है। उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो कमजोर कैडर के बावजूद 10 सीटें मांग रही है, लेकिन भाजपा उनके लिए सीमित विकल्प तैयार कर रही है।
भाजपा-जदयू की वर्तमान स्थिति
2020 के चुनाव में भाजपा को 74 सीटें मिली थीं, जो अब बढ़कर 80 हो चुकी हैं। वहीं जदयू के पास 45 सीटें हैं। मांझी की हम के पास 4 विधायक हैं, जबकि लोजपा (रामविलास) और रालोमो के पास फिलहाल विधानसभा में कोई सीट नहीं है।
