21 हजार का भुगतान जमा कराया, फिर भी नहीं बची कुर्सी, सड़क निर्माण में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई
बरेली: यूपी के बरेली देहात के दमखोदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुकटिया में सीसी सड़क और नाली निर्माण में अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रशासक अरशद मलिक को प्रशासक पद से हटा दिया गया है। मामले में ग्राम पंचायत सचिव सुनील कुमार माथुर के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों की शिकायत पर शुरू हुई थी जांच
यह मामला ग्रामीणों की शिकायत के बाद सामने आया था। बताया जाता है कि डीएम अविनाश सिंह ने 1 दिसंबर 2025 को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी।समिति ने 8 जनवरी को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके बाद प्रधान प्रशासक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अरशद मलिक ने 25 फरवरी को अपना स्पष्टीकरण दिया, जबकि सचिव सुनील कुमार माथुर की ओर से जवाब नहीं दिया गया।
तकनीकी जांच में सामने आई सड़क की कम मोटाई
इस मामले की तकनीकी जांच के बाद 21 जुलाई को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके बाद प्रशासक प्रधान को दोबारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब उन्होंने 9 सितंबर को दिया। जांच में अलग-अलग स्थानों पर बनाई गई सीसी सड़कों की निर्धारित मोटाई और वास्तविक मोटाई में अंतर पाया गया। रामपाल के घर से मंदिर तक बनाए गए सीसी मार्ग और नाली के निर्माण में सड़क की निर्धारित मोटाई 10 सेंटीमीटर के बजाय 7.5 सेंटीमीटर पाई गई। जांच के अनुसार इससे 6,476.78 रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ। वहीं नत्थू लाल के घर से तेजपाल के घर तक बने सीसी मार्ग की निर्धारित 10 सेंटीमीटर मोटाई के मुकाबले वास्तविक मोटाई 5 सेंटीमीटर पाई गई। इस कार्य में 7,741.18 रुपये के अतिरिक्त भुगतान का उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया गया है। इसी तरह भगवान दास के घर से फूलचंद के घर तक सीसी मार्ग की मोटाई 10 सेंटीमीटर के बजाय 9 सेंटीमीटर मिली, जिसमें 2,920.42 रुपये का अतिरिक्त भुगतान बताया गया। इसके अलावा श्यामाचरन के घर से शिवचरन के घर तक सड़क की मोटाई 9.5 सेंटीमीटर पाई गई। जांच में इस कार्य से संबंधित 3,935.32 रुपये के अतिरिक्त भुगतान का उल्लेख किया गया है।
21 हजार से ज्यादा की धनराशि जमा
जांच में सामने आई अनियमित भुगतान की कुल धनराशि 21,074 रुपये प्रशासक प्रधान अरशद मलिक ने 8 सितंबर को जमा कर दी। इसके बाद जांच में उन्हें और ग्राम पंचायत सचिव को दोषी ठहराया गया। धनराशि जमा करने के बावजूद जिलाधिकारी ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अरशद मलिक को ग्राम पंचायत सुकटिया के प्रशासक पद से हटा दिया।
एडीओ पंचायत को बनाया नया प्रशासक
डीएम के आदेश के बाद अब एडीओ पंचायत को नया प्रशासक नियुक्त किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत सचिव सुनील कुमार माथुर के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।डीपीआरओ कमल किशोर के मुताबिक, जांच में अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासक प्रधान को पद से हटा दिया गया है और सचिव के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच ने उठाए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
सुकटिया ग्राम पंचायत का यह मामला केवल अतिरिक्त भुगतान तक सीमित नहीं है। जांच में सड़क की निर्धारित मोटाई और मौके पर पाई गई मोटाई में अंतर सामने आने से सरकारी धन के इस्तेमाल और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब सचिव के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।
