छावनी परिषद की CEO डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में ‘सेविंग द रिवर’ अभियान का आगाज, भारतीय सेना के जवानों और परिषद कर्मियों ने किया श्रमदान, नदी और तटों की सफाई के साथ पौधारोपण
बरेली : नदी संरक्षण, पर्यावरणीय पुनर्स्थापना और हरित विकास को लेकर बरेली छावनी परिषद ने महत्वपूर्ण पहल की है। 30 सितंबर 2026 को “सेविंग द रिवर नकाटिया से नाथ गंगा” अभियान चलाया गया। छावनी परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में भारतीय सेना के जवानों, छावनी परिषद के अधिकारियों -कर्मचारियों और अन्य सहभागी संस्थाओं ने भाग लिया। अभियान के दौरान चिन्हित नदी क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान कर नदी और उसके आसपास के तटों की सफाई की गई। इसके साथ ही 11,000 वृक्षों के वृहद रोपण का अभियान भी चलाया गया।
नदी सफाई के साथ पर्यावरण सुधार पर जोर
अभियान के तहत नदी क्षेत्रों में जमा कचरा, मलबा, अवांछित सामग्री और अन्य प्रदूषक तत्वों को हटाने का काम किया गया।इसका उद्देश्य नदी तटों को स्वच्छ बनाने के साथ उनके पर्यावरणीय स्वरूप में सुधार करना बताया गया है। भारतीय सेना के जवानों के साथ छावनी परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर श्रमदान किया।अभियान को नदी संरक्षण के साथ सामूहिक भागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
11 हजार पौधों से विकसित होगा ग्रीन कॉरिडोर

अभियान का प्रमुख हिस्सा “नकाटिया नाथ गंगा ग्रीन कॉरिडोर” की परिकल्पना है।चिन्हित क्षेत्रों में 11,000 वृक्षों का रोपण किया गया। इस पहल का उद्देश्य नदी तटों पर हरित आवरण बढ़ाना, जैव-विविधता को समर्थन देना और नकाटिया से नाथ गंगा तक एक सतत हरित पट्टी विकसित करना है।
नदी तटों के पारिस्थितिक पुनर्स्थापना पर भी काम
अभियान के दौरान संवेदनशील नदी तटीय क्षेत्रों की सफाई के साथ मलबे और अवांछित वनस्पति को हटाने का काम भी किया गया। इसके अलावा आगामी संरक्षण और वृक्षारोपण गतिविधियों के लिए चिन्हित क्षेत्रों को तैयार किया गया। छावनी परिषद के अनुसार, यह पहल केवल एक दिन के सफाई या वृक्षारोपण अभियान तक सीमित नहीं है। इसे नदी स्वच्छता, हरित कॉरिडोर, जल संरक्षण, नदी तटों के पारिस्थितिक पुनर्स्थापना और जनभागीदारी को जोड़ने वाली दीर्घकालिक पहल के रूप में आगे बढ़ाने की परिकल्पना है।
सेना और नागरिक भागीदारी को जोड़ने की पहल

“नकाटिया से नाथ गंगा”अभियान में बरेली छावनी परिषद की संस्थागत क्षमता के साथ भारतीय सेना की भागीदारी और अन्य हितधारकों के सहयोग को जोड़ा गया है। अभियान का उद्देश्य नदी संरक्षण को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय लोगों को भी इससे जोड़ना और नदी के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।
सफाई से संरक्षण तक लंबी पहल की तैयारी
छावनी परिषद के इस अभियान में नदी की सफाई, वृक्षारोपण, नदी तटों का संरक्षण, जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया गया। परिषद का लक्ष्य नकाटिया नदी को अधिक स्वच्छ, हरित और पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।
