जिला बदर आरोपी का नाम सामने, जांच में जुटी पुलिस
बरेली : शहर में स्पा सेंटरों को लेकर सामने आए कथित स्टिंग ऑपरेशन का मामला अब नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो क्लिप ने पूरे घटनाक्रम को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इसमें की जा रही कथित बातचीत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है वायरल ऑडियो में?
वायरल ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर दो युवक एक स्पा सेंटर संचालिका से पैसों की मांग करते हुए सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर दबाव बनाकर “खर्चा-पानी” मांगा जा रहा है। बातचीत में वीडियो हटवाने और स्पा सेंटर दोबारा खुलवाने जैसे दावे भी किए जा रहे हैं। ऑडियो में एक युवक खुद को पुराने चर्चित मामलों से जोड़ते हुए प्रभाव दिखाने की कोशिश करता है, जबकि दूसरा युवक मुकदमों का हवाला देकर दबाव बनाने की बात करता सुनाई देता है।
जिला बदर आरोपी का नाम चर्चा में
इस मामले में जिला बदर किए जा चुके ऋषभ ठाकुर का नाम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
‘अधिकारियों से बात हो चुकी है’- बड़ा दावा
ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि अधिकारियों से बात हो चुकी है और स्पा सेंटर खुलवाने की जिम्मेदारी ली जा रही है। यदि, जांच में ये दावे सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल कथित वसूली तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने जैसा गंभीर विषय बन सकता है।
एसपी सिटी ने कही ये बात
इस पूरे मामले में एसपी सिटी मानुष पारीक ने स्पष्ट किया है कि वायरल ऑडियो और उससे जुड़े सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी, तथा जो भी दोषी पाया जाएगा।उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
संगठन ने किया किनारा
वहीं, एक स्थानीय संगठन ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम इस मामले में सामने आ रहे हैं, उनका संगठन से कोई संबंध नहीं है, और उन्हें पहले ही बाहर किया जा चुका है। संगठन ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।फिलहाल, पुलिस वायरल ऑडियो की सत्यता की पड़ताल कर रही है। तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अब पूरे मामले पर शहरवासियों की नजरें पुलिस जांच और आधिकारिक बयान पर टिकी हैं। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला बरेली में स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर कथित दबाव और वसूली के बड़े नेटवर्क का खुलासा भी कर सकता है।
