मृतक तौहीद की फाइल फोटो
रुद्रपुर से घर लौट रहा था युवक, सैटलाइट बस अड्डे पर विवाद के बाद खुले नाले में गिरा, नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल
बरेली : यूपी के बरेली से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली।हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि युवक नाले के पास बैठा था। इसमें असंतुलित होकर गिर गया। इस मामले में इंस्पेक्टर बारादरी से संपर्क कर जानकारी की कोशिश की। मगर, संपर्क नहीं हो सका। जिसके चलते “The justice Hindi” विवाद की पुष्टि नहीं करता। मगर, करीब 36 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद हरदोई निवासी 30 वर्षीय तौहीद का शव आखिरकार नाले से बरामद कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक, हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के मोहल्ला कटरा निवासी तौहीद चार दिन पहले घर से निकला था। वह रुद्रपुर में स्थित अशोका लीलैंड कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करता था।
तबीयत खराब होने पर घर किया था फोन
परिजनों ने बताया कि तौहीद ने बरेली पहुंचने के बाद घर फोन कर अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। परिजनों ने उसे दवा लेकर बस से घर लौटने की सलाह दी। इसी दौरान सैटलाइट बस अड्डे के पास उसका किसी से विवाद होने की बात सामने आई है। इसी विवाद के दौरान वह संतुलन खो बैठा, और पास ही बने खुले व गहरे नाले में गिर गया।
नाला बना मौत का जाल
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक नाले की चौड़ाई करीब 6 फीट, गहराई 12 फीट से ज्यादा अंदर गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ। इन्हीं कारणों से रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद कठिन हो गया। शुरुआत में घटना की सूचना एक व्यक्ति ने पुलिस को दी, लेकिन उसके नशे में होने के कारण उसकी बात पर तुरंत भरोसा नहीं किया गया। इसके बाद में जब मौके के CCTV फुटेज खंगाले गए, तो उसमें युवक को नाले में गिरते हुए देखा गया।
ऐसे हुई मृतक की पहचान
इसके बाद पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लगातार 36 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह करीब 3 बजे तौहीद का शव नाले से बाहर निकाला गया। मृतक की जेब से बरामद हुए मोबाइल फोन, आधार कार्ड, रुद्रपुर से बरेली का बस टिकट इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान तौहीद के रूप में हुई।
परिवार में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मृतक की मां हुसैन बानो का रो-रोकर बुरा हाल है।तौहीद सात भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था और परिवार का सहारा माना जाता था। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर नगर निगम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि नाला लंबे समय से खुला पड़ा था।कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। अगर, समय रहते नाले को ढक दिया जाता या बैरिकेडिंग होती, तो यह हादसा टल सकता था।
