ट्रेन मैनेजर बोले-जिम्मेदारी हमारी, सम्मान भी मिलना चाहिए!
बरेली : रेलवे में कार्यरत ट्रेन मैनेजरों (गार्ड्स) ने बुधवार को DRM कार्यालय, इज़्जतनगर पर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और रेल मंत्री के नाम ज्ञापन DRM को सौंपा। यह ज्ञापन ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC) इज़्जतनगर मंडल के बैनर तले सौंपा गया।जिसमें संगठन ने सम्मान, सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी कई प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की।
ट्रेन मैनेजरों की यह हैं मुख्य मांगें

उन्होंने मांग कि लाइन बॉक्स प्रणाली को पुनः शुरू किया जाए, ताकि ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार हो सके। रनिंग अलाउंस को 25% किया जाए। जिससे वास्तविक ड्यूटी घंटों के अनुरूप आर्थिक न्याय सुनिश्चित हो। MACP का लाभ ट्रेन मैनेजरों को तत्काल दिया जाए, यह वर्षों से लंबित है। रिक्त पदों की भर्ती शीघ्र की जाए, ताकि कार्यभार संतुलित हो सके। हैंड ब्रेक कसने की जिम्मेदारी ट्रेन मैनेजर से हटाई जाए।
“सम्मान और सुविधा हमारा अधिकार”

सभा को संबोधित करते हुए मंडल सचिव दीपक कांत ने कहा कि “ट्रेन मैनेजर रेलवे संचालन की रीढ़ हैं। लेकिन लगातार अनदेखी से उनकी कार्य परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण हो गई हैं। अब संगठन को मजबूर होकर आवाज उठानी पड़ रही है।”मंडल अध्यक्ष के.के. विश्वकर्मा ने कहा कि विभाग को ट्रेन मैनेजरों की वास्तविक समस्याएं समझनी होंगी, अन्यथा संगठन चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।
बड़ी संख्या में ट्रेन मैनेजरों की भागीदारी
इस मौके पर कासगंज शाखा अध्यक्ष राकेश कुमार, संगठन सचिव देवेंद्र गंगवार, मंडल कोषाध्यक्ष आशीष सक्सेना, मंडल संरक्षक संजय त्यागी, ब्रांच अध्यक्ष दीपक कश्यप, जतीन सिंह (मुरादाबाद), डी.एस. राजपूत, शम्सुद्दीन, विकास पचौरी, सुभाष गंगवार, विवेक गुप्ता, M.A. अंसारी और सेवानिवृत्त ट्रेन मैनेजर संजय नंदा सहित कई शाखाओं के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सभा शांतिपूर्ण और अनुशासित रही, लेकिन संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो AIGC आगे की रणनीति तय करेगा।
