बरेली: एलपीजी गैस की कालाबाजारी और ओवररेटिंग की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम ने जिले की कई गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने एजेंसियों और उनके गोदामों की व्यवस्था की जांच की और उपभोक्ताओं को तय कीमत पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कई गैस एजेंसियों की हुई जांच
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने बहेड़ी और शहर की कई गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। इनमें सेमी खेड़ा स्थित गौरव सेनानी इंडियन गैस, शेरगढ़ रोड की बहेड़ी गैस इंडियन सर्विस, पीतांबरा इंडेन गैस एजेंसी और राजेंद्र नगर स्थित अग्नि इंडियन गैस एजेंसी शामिल रहीं। अधिकारियों ने एजेंसियों के रिकॉर्ड और स्टॉक की स्थिति की भी जांच की।
स्टॉक और रिकॉर्ड का किया गया मिलान
निरीक्षण के दौरान गोदाम में मौजूद गैस सिलेंडरों के स्टॉक को एजेंसी के ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान कर सत्यापन किया गया। जांच में सभी जगह स्टॉक सही पाया गया और किसी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों से उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने को कहा।
ओवररेटिंग की शिकायत पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी ने एजेंसी मालिकों और मैनेजरों को साफ निर्देश दिए कि गैस सिलेंडर की बुकिंग मिलने के बाद जल्द से जल्द उपभोक्ताओं के घर तक डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसी एजेंसी के खिलाफ ओवररेटिंग या गड़बड़ी की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राजेश कुमार, पूर्ति निरीक्षक शांतनु और आपूर्ति लिपिक आशीष कुमार भी मौजूद रहे।
