जन विश्वास संशोधन अधिनियम के बाद रेलवे ने बदली जुर्माने की दरें, महिला कोच से लेकर बिना टिकट यात्रा तक नियम हुए सख्त
नई दिल्ली: रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए रेलवे के कई नियमों और जुर्माने की दरों में बदलाव किया गया है। जन विश्वास संशोधन अधिनियम 2026 के तहत रेलवे अधिनियम 1989 में संशोधन लागू होने के बाद कई उल्लंघनों पर जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है। नए प्रावधानों का उद्देश्य छोटे उल्लंघनों को आपराधिक प्रक्रिया से अलग करते हुए प्रशासनिक जुर्माने के जरिए कार्रवाई करना है।
महिला कोच में पुरुषों की एंट्री पर 2500 रुपये जुर्माना
नए नियमों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। महिला आरक्षित कोच में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर अब 2500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पहले यह जुर्माना 500 रुपये तक था। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में संशोधित दरों के तहत कार्रवाई शुरू होने के बाद जुलाई में महिला कोच में यात्रा करते पकड़े गए 302 पुरुष यात्रियों से करीब साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। मई में पुरानी दरों के तहत इस श्रेणी में करीब 33 हजार रुपये की वसूली हुई थी।
रेलवे स्टेशन और ट्रेन में धूम्रपान पर 2000 रुपये जुर्माना
रेलवे स्टेशन या ट्रेन के भीतर बीड़ी-सिगरेट पीने पर भी जुर्माना बढ़ा दिया गया है। पहले धूम्रपान के लिए 100 रुपये तक का जुर्माना था, जिसे बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा बिना अनुमति रेलवे स्टेशन या रेलवे पटरियों पर प्रवेश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की गई है। जुलाई में इस श्रेणी में आरपीएफ ने करीब 5.9 लाख रुपये का जुर्माना वसूला।
बिना टिकट यात्रा पर कम से कम 500 रुपये जुर्माना
बिना वैध टिकट या पास के रेल यात्रा करने वालों के लिए भी जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है। अब ऐसे यात्रियों को कम से कम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। पहले यह राशि 250 रुपये थी।वहीं, किसी दूसरे यात्री की सुनिश्चित बर्थ पर जबरन कब्जा बनाए रखने पर 1000 रुपये तक का नागरिक जुर्माना लगाया जा सकता है।
बिना लाइसेंस सामान बेचने और भीख मांगने पर भी कार्रवाई
ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर बिना अनुमति सामान बेचने अथवा भीख मांगने पर पहली बार पकड़े जाने पर 2000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। जुलाई में इस श्रेणी में करीब 5.3 लाख रुपये की जुर्माना वसूली दर्ज की गई। रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों की अवहेलना करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। जुलाई में ऐसे मामलों में करीब 7.2 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
नशे में हंगामा करने पर जेल और जुर्माना
ट्रेन में शराब या किसी अन्य नशे की हालत में हंगामा करने वाले यात्रियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे व्यक्ति को ट्रेन से बाहर करने के साथ 24 घंटे तक की जेल या 1000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं बिना अनुमति खतरनाक या विस्फोटक सामग्री लेकर यात्रा करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
ये हैं रेलवे में लागू नई जुर्माना दरें
- बिना वैध टिकट या पास यात्रा करने पर कम से कम 500 रुपये जुर्माना।
- रेलवे स्टेशन या ट्रेन में बीड़ी-सिगरेट पीने पर 2000 रुपये जुर्माना।
- महिला आरक्षित कोच में पुरुष यात्री के प्रवेश पर 2500 रुपये जुर्माना।
- बिना अनुमति सामान बेचने या भीख मांगने पर पहली बार 2000 रुपये जुर्माना।
- दूसरे यात्री की सुनिश्चित बर्थ पर कब्जा करने पर 1000 रुपये तक जुर्माना।
- नशे में हंगामा करने पर 24 घंटे तक की जेल या 1000 रुपये तक जुर्माना।
- बिना अनुमति खतरनाक या विस्फोटक सामग्री ले जाने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना।
अब जुर्माने में छूट का प्रावधान नहीं
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित व्यवस्था में कुछ उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर नागरिक दंड के दायरे में लाया गया है। इससे कई मामलों में कार्रवाई मौके पर ही प्रशासनिक स्तर पर पूरी की जा सकेगी। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित जुर्माने की राशि में मनमाने तरीके से कमी या छूट देने की गुंजाइश नहीं होगी। यानी यात्रियों को नियमों का उल्लंघन करने से पहले नई जुर्माना दरों का ध्यान रखना होगा। रेलवे का कहना है कि बढ़े हुए जुर्माने का उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और दूसरे यात्रियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना है।
