बरेली : यूपी के बरेली में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज देने वाले चार निजी अस्पतालों को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है। वजह है, नए सॉफ्टवेयर HMIS 2.0 पर जरूरी रिकॉर्ड अपलोड न करना।
जानें क्या है पूरा मामला?
राज्य की एजेंसी साचीज ने हाल ही में आयुष्मान योजना के लिए HMIS 2.0 पोर्टल लागू किया है।सभी पंजीकृत अस्पतालों को अपने डॉक्यूमेंट और सुविधाओं का अपडेट इस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया था, लेकिन बरेली के चार निजी अस्पताल सनराइज हॉस्पिटल, मुकुंद हॉस्पिटल चाइल्ड, मैटरनिटी एंड ट्रामा सेंटर,अल्फा हॉस्पिटल मेजर नर्सिंग होम ने तय समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। जिसके चलते इन अस्पतालों को योजना से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।
मरीजों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले का सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा अस्पतालों में भर्ती तो किया जाएगा, लेकिन आयुष्मान योजना के तहत इलाज का अप्रूवल नहीं मिलेगा। मरीजों को इलाज के लिए कैश भुगतान करना होगा। कई मरीजों को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ सकता है।
क्यों जरूरी है रिकॉर्ड अपलोड?
नए पोर्टल पर अस्पतालों को निम्न जानकारी देनी होती है। डॉक्टर और स्टाफ का विवरण, बेड की संख्या उपलब्ध चिकित्सा उपकरण, एनओसी और अन्य अनुमति इलाज से जुड़ा डेटा, जब तक यह सभी जानकारी अपलोड नहीं होगी, तो यह निलंबन जारी रहेगा
बरेली की स्थिति क्या है?
जिला आयुष्मान टीम के अनुसार करीब 4.5 लाख परिवार योजना के पात्र हैं। इनमें से 91% (4 लाख से ज्यादा) लोग जुड़ चुके हैं। इलाज और भुगतान के मामले में बरेली प्रदेश में शीर्ष पर है
