बरेली : शहर के मोहल्ला अहमद के तालाब पर हज़रत शाह सकलैन एकेडमी (यूनिट अहमद अली तालाब) की जानिब से हर साल की तरह “जश्ने शाह शराफ़त अली मियां” का शानदार आयोजन किया गया। प्रोग्राम का आग़ाज़ बाद नमाज़ -ए- ईशा रात 9 बजे तिलावते कलाम -ए-पाक से हुआ। यह प्रोग्राम साहिबे सज्जादा हज़रत गाज़ी मियां सकलैनी उल क़ादरी की सरपरस्ती में सम्पन्न हुआ। महफ़िल में मौलाना मुफ्ती रुम्मान सकलैनी क़ादरी ने तशरीफ़ लाकर ख़ुसूसी खिताब किया। उन्होंने अपने बयान में हज़रत शाह शराफ़त अली मियां रहमतुल्लाह अलैह की शान, उनकी तालीमात और नसीहतों पर अमल करने की अहमियत बयान की।
देर रात तक चला लंगर-ए-आम का सिलसिला
कलाम पेश करने वालों में मजहर हुसैन, हसीब सकलैनी और सय्यद अरबाज सकलैनी शामिल रहे। उनकी नातों और कलाम से महफ़िल रोशन हो गई और अकीदतमंदों ने जोशो -ख़रोश से नारे बुलंद किए। पूरा इलाक़ा जश्न की रौनक़ों से गुलजार हो गया। शाम को नमाज़ मगरिब के बाद फातिहा-ख्वानी की गई और उसके बाद लंगर-ए-आम का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इस मौके पर बेशुमार अकीदतमंदों ने शिरकत की और बुजुर्गों के फैज़ान से मालामाल हुए।
29 को जोगी नवादा में जश्ने शाह शराफ़त
प्रोग्राम की निगरानी इतवारी सकलैनी ने की। मंच पर मौलाना नफीस सकलैनी, मौलाना मुख्तार, हाफ़िज़ जाने आलम, मौलाना कारी आमिल सकलैनी, हाजी लतीफ़ सकलैनी, इंतज़ार हुसैन, ज़िया राशिद, मौलाना अनवार और आफ़ाक़ सकलैनी समेत कई उलमा व शख्सियतें मौजूद रहीं। कल 29 अगस्त 2025 (5 रबीउल अव्वल) को मोहल्ला जोगी नवादा में भी जश्ने शाह शराफ़त का आयोजन होगा।
