मौलाना तौकीर रजा के बाद 56 आरोपी भी जा चुके हैं जेल
बरेली : यूपी के बरेली में पिछले तीन दिनों से बंद मोबाइल इंटरनेट सेवा सोमवार की आधी रात (12:30 बजे) बहाल कर दी गई। प्रशासन ने बताया कि अब हालात नियंत्रण में हैं, और शहर धीरे-धीरे सामान्य दिनों की ओर लौट रहा है। व्यापारियों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि, इंटरनेट बंद होने से व्यापार, ऑनलाइन भुगतान और अस्पतालों की व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा था। ऑनलाइन पेमेंट न होने से मरीज, पेट्रोल पंप से ईंधन और अन्य सामान लेने वाले परेशान थे। ऑनलाइन भुगतान न होने से मरीजों की छुट्टी में भी देरी हो गई। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक को इस बंदी का खामियाजा उठाना पड़ा।
डॉ. नफीस पर बड़ी कार्रवाई
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इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी और पूर्व प्रवक्ता डॉ. नफीस पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हालांकि, देर रात पुलिस के डॉ. नफीस को गिरफ्तार करने की बात सामने आ रही है। मगर, अभी पुलिस से पुष्टि नहीं हुई है। एक दिन पहले नगर निगम और प्रशासन ने नावल्टी चौराहे स्थित उनकी मार्केट को सील कर दिया, जिसमें करीब 74 दुकानें हैं। इसी मार्केट की दूसरी मंजिल पर IMC का जिला कार्यालय भी था, जिसे तालाबंद कर दिया गया।
डॉ. नफीस के खिलाफ आरोप
खुद को वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली बताकर किराया वसूली करने का आरोप है। वक्फ की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में विवादित भूमिका। नौमहला मस्जिद के पास वक्फ संपत्ति बेचने का मामला पहले भी सुर्खियों में रहा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नफीस ने धमकी दी थी – “अगर पोस्टर छुआ तो हाथ काट दूँगा… वर्दी नहीं बचेगी।” इसी बयान के बाद किला थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ।
प्रशासन ने की सीलिंग कार्रवाई
इस बार जिला प्रशासन ने बुलडोज़र की बजाय मार्केट सीलिंग का रास्ता चुना। हालांकि, यह संपत्ति पहले से विवादित है और मामला कोर्ट में स्टे पर है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि “कानून तोड़ने वालों पर शिकंजा कसना जारी रहेगा।”
बरेली बवाल के बाद अब तक की कार्रवाई
मौलाना तौकीर रजा जेल भेजे जा चुके हैं। उनके करीबी और पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां भी गिरफ्तार होकर जेल भेजे गए। अब डॉ. नफीस की संपत्ति सील कर दी गई है। अब तक 56 आरोपी सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
