बरेली : यूपी के बरेली देहात के शाही थाना क्षेत्र में करीब चार महीने से लापता 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को पुलिस ने दिल्ली से सुरक्षित बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस ने जबरन शादी करने वाले युवक वीरू और उसकी मां सुनीता को गिरफ्तार किया है। बरामदगी के बाद पीड़िता को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया।
पिता की शिकायत पर दर्ज थी गुमशुदगी
पीड़िता के पिता की ओर से थाने में पहले ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस लगातार बच्ची की तलाश कर रही थी। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बच्ची को दिल्ली से बरामद किया।
पिता की डांट-फटकार से परेशान होकर छोड़ा था घर
पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि उसके पिता उसे अक्सर डांटते-फटकारते और गालियां देते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी। इसी कारण वह बिना बताए अपनी स्कूल की एक दोस्त के साथ घर से निकल गई और बिहार चली गई।
बिहार में दोस्त की मौत, फिर दिल्ली पहुंची नाबालिग
पीड़िता ने बताया कि बिहार में रहने के दौरान उसकी दोस्त की सांप के काटने से मौत हो गई। इसके बाद वहां मौजूद रिश्तेदारों का व्यवहार बदल गया, और वे उसे परेशान करने लगे। डर और असुरक्षा के चलते वह वहां से दिल्ली भाग आई।
शादी के नाम पर बनाया गया बंधक
दिल्ली में लड़की की मुलाकात सोनू नाम के युवक से हुई, जिसने उसे अपनी भाभी सुनीता के घर पहुंचा दिया। आरोप है कि इसके बाद नाबालिग लड़की की जबरन शादी सुनीता के बेटे वीरू से करवा दी गई, और उस पर निगरानी रखी जाने लगी। शादी के बाद जब लड़की अपने कथित पति के साथ उसकी मां से मिलने जा रही थी, तभी पुलिस ने रास्ते में दोनों को पकड़ लिया और बच्ची को सुरक्षित मुक्त कराया।
POCSO समेत गंभीर धाराएं दर्ज
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में अपहरण, नाबालिग से जबरन विवाह और POCSO एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक इस मामले में सोनू, उसकी पत्नी मीरा और रानी नाम की महिला की भूमिका भी सामने आई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
जानें क्या बोले पुलिस अफसर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
