बरेली : यूपी के बरेली बवाल मामले में जिला प्रशासन और पुलिस ने सोमवार को सख्त कदम उठाया।
आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) के पूर्व प्रवक्ता और मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी डॉ. नफीस की नावल्टी चौराहे स्थित पहलवान साहब दरगाह मार्केट को सील कर दिया गया। इसमें 48 दुकानों, और आईएमसी दफ्तर पर ताला लग गया है। इसके साथ ही दूसरे फ्लोर पर स्थित आईएमसी का जिला दफ्तर भी सील कर दिया गया। बताया जाता है कि डॉ. नफीस खुद को वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली बताकर किराया वसूली करता था।
वक्फ संपत्ति विवादों में फंसे डॉ. नफीस
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नफीस पहले भी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के मामलों में विवादों में घिर चुके हैं। नौमहला मस्जिद के पास बनी दुकानों की बिक्री ने तूल पकड़ा था। हालांकि, दबाव में आकर मामला दबा दिया गया, लेकिन उनके खिलाफ आरोप लगातार बने रहे।
बिगड़ैल बोल बने मुसीबत
डॉ. नफीस का विवादित वीडियो बरेली में हड़कंप मचा चुका है।
वीडियो में उन्होंने साफ कहा था “किला इंस्पेक्टर ने पोस्टर छुआ तो हाथ काट लूंगा, वर्दी नहीं बचेगी।”इस धमकी भरे बयान के बाद किला थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह वीडियो ही उनके खिलाफ कार्रवाई का बड़ा आधार बना।
प्रशासन का सख्त रुख
जिला प्रशासन ने विवादित मार्केट पर बुलडोज़र की जगह सीलिंग की कार्रवाई को चुना। यह मार्केट नाले पर बनी हुई है, और मामले पर कोर्ट में स्टे भी है। प्रशासन का कहना है कि कानून तोड़ने वालों पर अब लगातार शिकंजा कसा जाएगा।
अब तक की कार्रवाई
बरेली बवाल में मौलाना तौकीर रज़ा फिलहाल जेल में हैं। उनके करीबी पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया है ।अब डॉक्टर नफीस की तलाश है। मगर, अब पूर्व प्रवक्ता डॉ. नफीस की संपत्ति पर कार्रवाई। कुल 56 आरोपी सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
