बरेली : शहर के कोतवाली इलाके में सोमवार को हुई नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई ने अपराध और अवैध कारोबार का बड़ा जाल उजागर कर दिया। पहलवान साहब की दरगाह मार्केट के ऊपर बने पुराने ढांचे से अधिकारियों ने एक पूरा अवैध पावर हाउस पकड़ा। यहां से भारी जनरेटर, डीज़ल से भरे ड्रम और मोटी वायरिंग का नेटवर्क मिला, जिससे लंबे समय से बिना अनुमति के आसपास की दुकानों और घरों में बिजली सप्लाई की जा रही थी।
डॉ. नफीस निकला मास्टरमाइंड
जांच में जो नाम सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। डॉक्टर नफीस, जिसने कुछ समय पहले एक पुलिस इंस्पेक्टर के हाथ काटने की बात कही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नफीस ही इस अवैध पावर हाउस का सरगना है। वह दुकानदारों से “बिजली कनेक्शन” के नाम पर हर महीने जबरन वसूली करता था। पैसे देने से इंकार करने वालों को धमकाया जाता और उनका कनेक्शन काट दिया जाता।
पुलिस का सख्त पहरा और जब्ती
कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए इलाके को बैरिकेडिंग कर पुलिस ने घेर लिया। मौके पर कई दर्जन पुलिसकर्मी तैनात रहे। अधिकारियों ने छत से कई बड़े जनरेटर, डीज़ल के ड्रम और अवैध वायरिंग ज़ब्त कर ली।
हर महीने लाखों की कमाई
पुलिस के अनुसार नफीस इस धंधे से हर महीने लाखों रुपये कमाता था। यही पैसा अवैध वसूली और हिंसक वारदातों में लगाया जाता था। इलाके के लोग अब खुलकर बता रहे हैं कि डॉ. नफीस के डर से कोई उसकी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था।
जानें क्या बोले सिटी मजिस्ट्रेट
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया को बताया कि “दरगाह के ऊपर बने ढांचे में अवैध पावर हाउस चलाया जा रहा था। जनरेटर, डीज़ल और वायरिंग ज़ब्त कर ली गई है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। इसमें शामिल हर शख्स पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
बड़ा नेटवर्क, धार्मिक स्थल की आड़
यह मामला न केवल बिजली चोरी और अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह अपराधी धार्मिक स्थलों की आड़ लेकर गैंग चलाते रहे। पुलिस ने साफ कर दिया है कि डॉक्टर नफीस और उसके गिरोह को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
