बरेली: यूपी के बरेली देहात के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज में इबादत के लिए चिन्हित एक आराजी पर नमाज़ अदा करने के दौरान 12 लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले पर सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई पर AIMIM उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी ने इसे अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक बताते हुए संविधान पर हमला करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई कानून-व्यवस्था का खतरा नहीं था, तो निरोधात्मक कार्रवाई किस आधार पर की गई। AIMIM ने मांग की है कि इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, और धर्म के आधार पर की जा रही ऐसी कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
संविधान का दिया हवाला
AIMIM उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी ने इस कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि जिस आराजी पर नमाज़ अदा की जा रही थी, वह पहले से ही इबादत के लिए चिन्हित भूमि है। इसके बावजूद शांतिपूर्ण ढंग से नमाज़ पढ़ने पर लोगों को हिरासत में लिया जाना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन भी है।
