बरेली : यूपी के बरेली में शिक्षा विभाग की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान छह प्राथमिक विद्यालय अनधिकृत रूप से बंद पाए गए। इसके बाद बीएसए ने इन स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों और शिक्षा मित्रों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह कार्रवाई 21 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट पर आधारित है। निरीक्षण के दौरान बंद पाए गए स्कूलों में मझगवां ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय ढाका (21 नवंबर), आलमपुर-जाफराबाद का प्राथमिक विद्यालय नगीनानगर (1 दिसंबर), भोजीपुरा का प्राथमिक विद्यालय रायपुर, रामनगर का प्राथमिक विद्यालय शाबाजपुर (15 दिसंबर), शेरगढ़ के प्राथमिक विद्यालय वसुधरन द्वितीय (17 दिसंबर) और शेरगढ़ का प्राथमिक विद्यालय गिरधरपुर (16 दिसंबर) शामिल हैं।
वेतन, और मानदेय रोका
बीएसए डॉ. विनीता ने स्पष्ट किया कि ये सभी स्कूल बिना किसी पूर्व सूचना या औचित्य के बंद पाए गए। उन्होंने कहा कि यह अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही की गंभीर घटना है। इस कारण, संबंधित शिक्षकों और शिक्षा मित्रों का मानदेय और वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
डॉ. विनीता ने आगे कहा कि जिला स्तरीय और ब्लॉक स्तरीय निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कई स्कूलों में प्रशासनिक लापरवाही की लगातार शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।
विभाग को कड़ा संदेश
ऐसे में बीएसए ने कड़ा संदेश देते हुए स्टाफ को चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल नियमों के पालन के लिए है, बल्कि इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई से वंचित न रहें। विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे समय पर संचालन सुनिश्चित करें और किसी भी तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
