मीरगंज के तिलमास गांव में दर्दनाक हादसा, एक किशोर की हालत नाजुक
बरेली : यूपी के बरेली जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित तिलमास गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भीषण गर्मी में तालाब में नहाने गए चार बच्चों में से तीन की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक किशोर की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद गांव में चीख -पुकार और मातम का माहौल है। इंस्पेक्टर मीरगंज ने “The Justice Hindi” को बताया कि तालाब में चार बच्चे नहाने गए थे। मगर, यह डूब गए। तालाब के पास स्थित झोपड़ी वाले ने शोर मचाया। जिसके चलते गांव के लोग मदद को तालाब में पहुंचे। मगर, इसमें से तीन की मौत हो गई, लेकिन एक की जान बच गई है।
खेल-खेल में गहराई में पहुंचे, और फिर लौटकर नहीं आए
रविवार करीब तीन बजे गांव के 10 वर्षीय त्रिवेंद्र, 9 वर्षीय आयुष और 8 वर्षीय अंश अपने साथियों के साथ तालाब में नहाने पहुंचे थे। गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चे अक्सर यहां आते थे, लेकिन इस बार लापरवाही भारी पड़ गई। नहाते वक्त अचानक तीनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकीं जानें
बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत तालाब में कूदकर उन्हें बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। मगर, यहां डॉक्टरों ने तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया। चौथे किशोर की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है।
तीन घरों के बुझ गए चिराग, गांव में पसरा सन्नाटा
एक साथ तीन मासूमों की मौत से तिलमास गांव में गहरा शोक छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर घर में मातम का माहौल है, वहीं मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस जांच में जुटी, प्रशासन की अपील
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बच्चों को अकेले तालाब या जलाशयों के पास न जाने दें और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।
हर साल दोहराती त्रासदी, फिर भी नहीं सबक
गौरतलब है कि गर्मियों के मौसम में तालाब और नहरों में डूबने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद जागरूकता और सुरक्षा इंतजामों की कमी ऐसे हादसों को रोक नहीं पा रही है। यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी बन सकती है।
