बरेली : यूपी के बरेली जिले के आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदारनगर में बने ओवरहेड टैंक के गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो इंजीनियरों को बर्खास्त, एक जूनियर इंजीनियर (JE) को निलंबित और निर्माणदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है।
हादसा कैसे हुआ?
सोमवार शाम करीब 5:30 बजे 60 फीट ऊंचा ओवरहेड टैंक अचानक भरभराकर गिर गया। यह टैंक करीब 3.62 करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ साल पहले ही बनाया गया था। हादसे के समय टैंक पानी से पूरी तरह भरा हुआ था।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश के बाद टैंक के पिलर अचानक धंसने लगे और कुछ ही सेकंड में पूरी संरचना धराशायी हो गई। उस समय पास में बैठे कई ग्रामीण मलबे की चपेट में आ गए।
हादसे में पांच ग्रामीण घायल
इस हादसे में डोरीलाल (32), अर्जुन (30), वीरपाल (48), रविंद्र (50) और नन्कू उर्फ वेदपाल (45) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं गुड्डू, ठाकुरदास, नन्नू और डबरू को हल्की चोटें आई हैं। घायलों में से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है।
इंजीनियरों पर गिरी गाज
इस घटना के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई की गई। इसमें जल निगम ग्रामीण के जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया गया। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई बर्खास्त एक अन्य असिस्टेंट इंजीनियर पर विभागीय जांच की गई है।अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस
निर्माण एजेंसी पर FIR
ओवरहेड टैंक का निर्माण एनसीसी लिमिटेड को सौंपा गया था।प्रशासन ने कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एनसीसी लिमिटेड और टीपीआई बीएलजी को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस दिया है। कंपनी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि टैंक निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। उनका कहना है कि निर्माण के समय से ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज किया गया।
जांच और आगे की कार्रवाई
मामले की जांच टेक्निकल ऑडिट कमेटी (TAC) को सौंपी गई है।कमेटी 24 घंटे में रिपोर्ट देगी। डीएम अविनाश सिंह ने एडीएम स्तर की जांच भी शुरू कराई है।संबंधित एजेंसी द्वारा किए गए अन्य कार्यों की भी जांच होगी।
लाखों की लागत से की गई तैयार
इतनी बड़ी लागत से बना टैंक डेढ़ साल में ही कैसे ढह गया?। यह हादसा केवल तकनीकी लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
जांच रिपोर्ट पर निगाह
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जो तय करेगी कि इस हादसे के पीछे सिर्फ लापरवाही थी या सुनियोजित भ्रष्टाचार।
