हाफिजगंज के खाईखेड़ा गांव में पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद मचा था बवाल, पुलिस जांच में सामने आई नई कहानी
बरेली : यूपी के बरेली देहात के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव में मोहर्रम जुलूस के दौरान पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी का वायरल वीडियो सामने आने के बाद हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।प्रारंभिक जांच में पुलिस को ऐसे तथ्य मिले हैं। इसमें संकेत मिला कि वीडियो कथित तौर पर दूसरे समुदाय के लोगों को फंसाने और इलाके का माहौल खराब करने की नीयत से बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मोहर्रम जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का दावा किया गया था।
वीडियो आने के बाद इलाके में तनाव
वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और कुछ सामाजिक संगठनों व ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। थाना प्रभारी संतोष कुमार के अनुसार जांच के दौरान सामने आया कि वीडियो बनाने वाले कुछ लोगों ने ही कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगवाए और बाद में वीडियो को वायरल कर दिया। पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य दूसरे समुदाय के लोगों को कानूनी कार्रवाई में फंसाना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना था।
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा
संदेह के आधार पर हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की। इसमें उन्होंने अपनी भूमिका स्वीकार करने की बात कही है। वहीं गांव के कई ग्रामीणों ने भी वायरल वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि वीडियो रात के अंधेरे में रिकॉर्ड किया गया था और उसमें नारे लगाने वाले लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं हो रही थी। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आशंका जताई थी कि किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के लिए यह साजिश रची हो सकती है।एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
बच्चे से लगवाए थे नारे
पुलिस के अनुसार ग्राम खाईखेड़ा में मोहर्रम जुलूस के दौरान दो व्यक्तियों द्वारा गलत नीयत से एक बच्चे से आपत्तिजनक नारा लगवाकर उसका वीडियो वायरल करने के मामले में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
