विवाद बढ़ने से पहले समुदाय ने लिया फैसला, पुलिस की मौजूदगी में हेमर मशीन से तोड़ी गई चहारदीवारी और लिंटर
पीलीभीत : पीलीभीत शहर से सटे एक गांव में स्थित मजार पर हुए कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद सामने आने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वयं निर्माण हटाने का निर्णय लिया। सुनगढ़ी पुलिस की मौजूदगी में हेमर मशीनों की सहायता से मजार की चहारदीवारी और लिंटर को तोड़ने का काम शुरू किया गया। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है।
दुष्कर्म की घटना के बाद सक्रिय हुए संगठन
जानकारी के अनुसार, 16 जून को गांव में एक 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद उमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रशासन ने जांच के दौरान सरकारी भूमि पर कब्जे की बात सामने आने के बाद आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई भी की थी।
मजार पर निर्माण को लेकर उठा था विवाद

घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठन गांव पहुंचे थे। इसी दौरान पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से बातचीत में गांव की एक मजार पर हुए निर्माण का मुद्दा सामने आया। संगठनों ने आरोप लगाया कि पहले एक कब्र पर अस्थायी ढांचा बनाया गया और बाद में उसे पक्के निर्माण का रूप देकर चहारदीवारी और लिंटर डाल दिया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना के बीच लिया निर्णय
मामले को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग उठने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। इसी बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वयं निर्माण हटाने का निर्णय लिया और पुलिस की मौजूदगी में निर्माण तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
समुदाय ने बताई निर्माण की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में स्थित सैयद बाबा की मजार काफी पुरानी है। वर्ष 2020 में बारिश और अन्य प्राकृतिक कारणों से संरक्षण के उद्देश्य से चहारदीवारी और लिंटर का निर्माण कराया गया था। अब विवाद को देखते हुए समुदाय के लोगों ने स्वयं इसे हटाने का फैसला लिया है।
गांव में स्थिति सामान्य
पुलिस और प्रशासन के अनुसार गांव में फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है। किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोकने के लिए पुलिस लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है और शांति व्यवस्था कायम है।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
