बरेली में चर्च प्रबंधन पर शिकंजा, रिकॉर्ड गायब करने और मारपीट के आरोप में FIR
बरेली : यूपी के बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में मेथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया (एमसीआई) से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।चर्च के कथित बिशप, पादरी और अन्य पदाधिकारियों समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने धार्मिक रिकॉर्ड गायब करने, धार्मिक संस्कारों में बाधा डालने, मारपीट और धमकी देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कैंट थाना पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीढ़ियों से चर्च से जुड़े होने का दावा
शिकायतकर्ता अरुण थामस, जो नैनीताल रोड स्थित बीडीए कॉलोनी के निवासी हैं। उनका कहना है कि उनका परिवार पीढ़ियों से सदर बाजार स्थित 22 कैंट चर्च से जुड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में उनकी शादी इसी चर्च में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी और उनकी बेटी का नामकरण संस्कार भी यहीं कराया गया था। उनका आरोप है कि अब उनके परिवार और पूर्वजों से जुड़े चर्च के धार्मिक रिकॉर्ड गायब कर दिए गए हैं।
बेटी के कंफर्मेशन संस्कार में बाधा का आरोप
अरुण थामस का आरोप है कि उनकी बेटी के वयस्क होने के बाद होने वाला ईसाई परंपरा का कंफर्मेशन संस्कार जानबूझकर नहीं होने दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिशप सीजी दयानंद, पादरी संजीव मसीह, पादरी शिवचंद, आनंद सैमसन, राजीव मसीह, जगमोहन सिंह और फिरोज रुस्तम ने मिलकर धार्मिक अधिकारों में बाधा डाली। साथ ही कुछ पुराने अनुयायियों को भी चर्च में प्रवेश से रोके जाने का आरोप लगाया गया है।
चर्च प्रबंधन पर अन्य गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि चर्च की संपत्तियों के प्रबंधन में गैर-ईसाई लोगों को कमेटी सदस्य और केयरटेकर बनाया जा रहा है। इसके अलावा एक अन्य परिवार के अंतिम संस्कार और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में भी कथित तौर पर परेशानियां पैदा की गईं।
मारपीट और धमकी का भी आरोप
एफआईआर के अनुसार, 21 जुलाई की शाम अरुण थामस चर्च परिसर के पास बातचीत करने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में उन्हें अस्पताल में उपचार कराना पड़ा।
पहले से भी चल रहे हैं अन्य मामले
समाचार के अनुसार, नामजद आरोपियों में शामिल जगमोहन सिंह पहले से रंगदारी मांगने और कथित धर्मांतरण से जुड़े एक अन्य मामले में जेल में हैं। वहीं, कुछ अन्य आरोपियों के फरार या पुलिस की पहुंच से बाहर होने की भी बात कही गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
शहर के कैंट थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर बिशप सीजी दयानंद समेत सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
