रक्षाबंधन पर महिलाओं की निश्शुल्क बस यात्रा, सुरक्षित सफर के लिए परिवहन विभाग ने कसी कमर
रोडवेज बसों की फिटनेस और तकनीकी जांच अनिवार्य, चालक-परिचालक के नशे में मिलने पर होगी कार्रवाई; टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों का भी होगा सत्यापन
लखनऊ: रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निश्शुल्क बस यात्रा की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को बसों की फिटनेस से लेकर चालक-परिचालकों की निगरानी तक विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
बसों की फिटनेस और तकनीकी जांच होगी
परिवहन मंत्री ने निर्देश दिया है कि रक्षाबंधन के दौरान संचालित होने वाली रोडवेज बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की पहले ही जांच पूरी कर ली जाए। किसी भी ऐसी बस को संचालन में नहीं लगाया जाएगा, जिसकी तकनीकी स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से ठीक न हो। चालक और परिचालक ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में न हों, इसके लिए भी जांच अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को क्षेत्र में रहकर निगरानी के निर्देश
दयाशंकर सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन पर महिलाओं और बच्चों समेत यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ेगी। ऐसे में बसों का संचालन सुरक्षित और सुचारु रखना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में रहकर व्यवस्था की निगरानी करने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए हैं।
निजी बस चालकों का भी होगा सत्यापन
रक्षाबंधन के दौरान केवल सरकारी बसों पर ही नहीं, बल्कि निजी यात्री वाहनों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। निजी बसों के चालक और परिचालकों का पुलिस एवं चरित्र सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन से संबंधित अभिलेख भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन भी अनिवार्य किया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर सख्ती
परिवहन विभाग ने निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ओवरलोडिंग, मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रालियों में यात्रियों को बैठाने पर भी सख्ती की जाएगी। यात्रियों को वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक बैठाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा तेज आवाज में डीजे बजाने और वाहनों में अवैध तरीके से किए गए संरचनात्मक बदलाव पर भी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस से समन्वय
पर्व के दौरान भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार मार्ग परिवर्तन और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा। परिवहन विभाग का उद्देश्य रक्षाबंधन पर महिलाओं की निश्शुल्क यात्रा के साथ-साथ सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।
