बरेली क्लब मैदान में हजारों महिलाओं की भीड़ जुटने के बाद बिगड़े हालात, धक्का-मुक्की में कई महिलाएं और बच्चे परेशान, पुलिस ने कार्यक्रम की पूर्व सूचना नहीं मिलने की बात कही
बरेली : रक्षाबंधन से एक दिन पहले बरेली क्लब मैदान में आयोजित सामूहिक रक्षाबंधन समारोह में भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। महापौर डॉ. उमेश गौतम और पार्थ गौतम फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। साड़ी और उपहार वितरण के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने की बात सामने आई। इसी दौरान कई महिलाएं बेहोश हुईं और कुछ लोगों के घायल होने की सूचनाएं सामने आईं। एक महिला की अस्पताल में मौत हो गई। मृतका की पहचान 45 वर्षीय मधु सिंह के रूप में हुई है। उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन परिवार को इसकी सूचना तत्काल नहीं दी गई। हालांकि, महिला की मौत की चिकित्सकीय वजह अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच से ही हो सकेगी।
सुबह पास लेकर कार्यक्रम में पहुंची थीं मधु
परिजनों के मुताबिक, मधु सिंह अपने मोहल्ले की अन्य महिलाओं के साथ कार्यक्रम में शामिल होने बरेली क्लब मैदान पहुंची थीं। उनके भांजे राजा तोमर के अनुसार, उन्हें कार्यक्रम के लिए पास मिला था। सुबह करीब 10 बजे उन्हें कार्यक्रम स्थल पर छोड़ने के बाद वह अपने काम पर चले गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे परिवार को फोन से सूचना मिली कि कार्यक्रम में भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच मधु की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें मिशन अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे।
परिजनों ने अस्पताल में सूचना देने में देरी का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें मधु की स्थिति के बारे में तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। लता देवी के मुताबिक, परिवार के लोग अस्पताल में स्टाफ से लगातार मधु की हालत पूछते रहे। परिजनों का कहना है कि यदि उन्हें समय रहते गंभीर स्थिति की जानकारी मिल जाती तो वे मधु को किसी दूसरे अस्पताल, यहां तक कि नजदीकी मिलिट्री अस्पताल ले जाने का प्रयास कर सकते थे। हालांकि, यह परिजनों का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
साड़ी और उपहार वितरण के दौरान बढ़ा भीड़ का दबाव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने के बाद मैदान में भीड़ बढ़ती चली गई। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया था। साड़ी और उपहार लेने के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से कई स्थानों पर धक्का -मुक्की की स्थिति बनी।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ महिलाएं भीड़ में गिर गईं। कई लोगों को गर्मी, उमस और भीड़ के दबाव के कारण परेशानी हुई। कुछ महिलाओं और बच्चों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
चप्पल-जूते और सामान छूटने की बात भी आई सामने
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने भीड़ की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि धक्का-मुक्की के बीच कुछ लोगों के चप्पल-जूते तक छूट गए। एक महिला ने बताया कि भीड़ में उनका हाथ खींचा गया और वह किसी तरह बाहर निकल पाईं। कुछ रिपोर्टों में बच्चों के अपने परिजनों से कुछ समय के लिए बिछड़ने और कार्यक्रम स्थल पर लगातार अनाउंसमेंट किए जाने की बात भी सामने आई है। पर्स, मोबाइल या अन्य सामान गुम होने के दावे भी सामने आए हैं, लेकिन इन मामलों की पुलिस स्तर से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस को कार्यक्रम की पूर्व सूचना नहीं मिलने का दावा
इस मामले में पुलिस की भूमिका और कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं।पुलिस अफसरों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि पुलिस को कार्यक्रम के बारे में पहले से सूचना नहीं दी गई थी। भीड़ की जानकारी मिलने के बाद सीओ प्रथम, स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को मौके पर भेजा गया, जिसके बाद स्थिति को संभाला गया। सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा ने भी मीडिया को बताया कि बरेली क्लब मैदान में कार्यक्रम आयोजित होने की सूचना प्रशासन को नहीं थी।उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम स्मार्ट सिटी अथवा राइफल क्लब से संबंधित था तो अनुमति नगर निगम स्तर से दी जाती है।
महापौर ने अव्यवस्था की खबरों को बताया गलत
दूसरी ओर, महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कार्यक्रम में किसी बड़ी अव्यवस्था से इनकार किया है।उनके मुताबिक कार्यक्रम सुचारु रूप से हुआ और अव्यवस्था से संबंधित बातें गलत हैं। पुलिस की ओर से भी शुरुआती जानकारी में कार्यक्रम में मौत की पुष्टि नहीं की गई थी। बाद की मीडिया रिपोर्टों में मधु सिंह की अस्पताल में मौत की जानकारी सामने आई।इसलिए घटना के पूरे क्रम और मौत के कारण को लेकर आधिकारिक जांच/चिकित्सकीय पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
