बरेली : भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के पर्व रक्षाबंधन पर शुक्रवार को बरेली की जेलों में भावुक माहौल देखने को मिला। इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार और भुता स्थित केंद्रीय कारागार-2 में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। जेल के बाहर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं और मुलाकात की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा बस अड्डों और स्टेशनों पर बहनों की काफी भीड़ दिखी।

सुबह से ही जेल के बाहर जुटने लगीं बहनें
रक्षाबंधन के मौके पर दूर-दराज के क्षेत्रों से महिलाएं अपने साथ राखी, रोली, चंदन और मिठाई लेकर जेल पहुंचीं। सुबह से ही जेल के मुख्य द्वार के बाहर भीड़ बढ़ने लगी। सुरक्षा जांच और निर्धारित मुलाकात प्रक्रिया के तहत महिलाओं को बारी-बारी से अंदर प्रवेश दिया गया।
भाई की कलाई पर राखी बांधते ही नम हुईं आंखें
लंबे इंतजार के बाद जब बहनों को जेल के अंदर अपने भाइयों से मिलने का मौका मिला, तो माहौल भावुक हो गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाई। कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। भाइयों ने भी बहनों का हालचाल जाना और उनके सुखी जीवन की कामना की। इस दौरान परिवार से दूर रहने की पीड़ा भी भावनाओं में दिखाई दी।
जेल प्रशासन ने किए सुरक्षा के विशेष इंतजाम
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा और मुलाकात को लेकर विशेष इंतजाम किए थे। चेकिंग के बाद बहनों को व्यवस्थित तरीके से प्रवेश दिया गया, ताकि त्योहार के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और मुलाकात की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके। रक्षाबंधन के इस मौके पर जेल की दीवारों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गर्माहट साफ दिखाई दी। कई परिवारों के लिए यह मुलाकात भावुक कर देने वाला पल बन गई।
