बरेली : कांग्रेस में महानगर अध्यक्ष पद को लेकर दावेदारी के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश सक्सेना ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लेटरहेड पर तैयार उनके बायोडाटा में उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठन में सक्रिय भूमिका और जनसमस्याओं को लेकर किए गए आंदोलनों को अपनी दावेदारी का आधार बताया है।
27 जुलाई 2025 को तैयार बायोडाटा के अनुसार राकेश सक्सेना वर्ष 2001 से 2012 तक बरेली महानगर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे करीब 15 वर्षों से पीसीसी सदस्य होने की जानकारी देते हैं।
कायस्थ समाज में मजबूत पकड़
बायोडाटा में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर अंतरराष्ट्रीय कायस्थ परिवार (राजनीतिक प्रकोष्ठ) से भी जुड़ा बताया गया है। राकेश सक्सेना ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और जीटीआई, बरेली बताई है। बायोडाटा में उन्होंने बिजली, पानी और आम जनता की समस्याओं को लेकर कांग्रेस के कार्यक्रमों, धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलनों में नेतृत्व करने का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि इन गतिविधियों से संबंधित दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। दावेदारी के पक्ष में उन्होंने बरेली शहर में करीब 3 लाख कायस्थ बंधुओं से जुड़ाव का भी उल्लेख किया है। उनका दावा है कि महानगर की जिम्मेदारी मिलने पर इससे कांग्रेस के वोट बैंक को मजबूती मिल सकती है।
कांग्रेस में किए तमाम आंदोलन
राकेश सक्सेना का परिवार लंबे समय से कांग्रेसी है। उन्होंने तमाम बार पार्टी के लिए आंदोलन किए हैं। बरेली कांग्रेस में महानगर अध्यक्ष पद को लेकर पहले भी कई नेताओं के बीच दावेदारी सामने आती रही है। मार्च 2025 में कांग्रेस ने दिनेश गुप्ता ‘दद्दा’ को महानगर अध्यक्ष बनाया था। वहीं अगस्त 2026 में बरेली में जिला और महानगर अध्यक्ष पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने की खबर सामने आई थी। ऐसे में राकेश सक्सेना की दावेदारी कांग्रेस के महानगर संगठन में नए समीकरणों को लेकर चर्चा बढ़ा सकती है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है।
