जलभराव, नालों की सफाई और आवारा पशुओं का मुद्दा उठा, शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप
बरेली : किसानों और आम नागरिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को प्रदर्शन किया। जिला प्रवक्ता मोहम्मद इकबाल एडवोकेट के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। भाकियू टिकैत ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को दिए जाने वाले ज्ञापनों और प्रार्थना पत्रों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। संगठन का कहना है कि उच्च अधिकारियों द्वारा शिकायतें संबंधित विभागों को भेजे जाने के बाद कई मामले निचले स्तर पर लंबित रह जाते हैं। शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी भी नहीं दी जाती, जिससे समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं। किसान नेताओं ने अधिकारियों की निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई, ताकि आम लोगों और किसानों को अपनी समस्याएं लेकर भटकना न पड़े।
भारी बारिश के बाद जलभराव का मुद्दा
ज्ञापन में हाल में हुई भारी बारिश के बाद महानगर में जगह-जगह हुए जलभराव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। भाकियू ने नालों की तली तक सफाई नहीं होने, जगह-जगह कूड़े के ढेर और जल निकासी की समस्या पर नाराजगी जताई। संगठन ने शहर में अतिक्रमण और सड़क किनारे खड़े वाहनों व ठेलों के कारण यातायात प्रभावित होने और दुर्घटनाओं की आशंका का भी मुद्दा उठाया। भाकियू ने संबंधित विभागों से इन समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
फसलों की सुरक्षा की मांग
किसानों ने खेतों में आवारा पशुओं से हो रहे नुकसान को रोकने की मांग भी की। भाकियू ने पशु मालिकों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ वनरोज और जंगली सुअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग रखी। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण होना चाहिए और शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को दी जानी चाहिए।
