सौ फुटा रोड पर निर्माणाधीन भवन पर सीलिंग की कार्रवाई, सैदपुर हाकिंस में प्लाटिंग और सड़क-बाउंड्रीवाल का काम कराया जा रहा था, BDA ने प्रवर्तन टीम भेजकर ध्वस्त कराया अवैध विकास
बरेली : बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति हो रही प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार 15 सितंबर 2026 को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने बरेली विकास क्षेत्र में दो अलग -अलग मामलों में कार्रवाई की। बन्नूवाल नगर, सौ फुटा रोड पर बिना BDA की स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया गया, जबकि सैदपुर हाकिंस, मिनी बाईपास के पास करीब 3000 वर्गमीटर में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया गया।
सौ फुटा रोड पर बिना स्वीकृति निर्माण सील
BDA के अनुसार बन्नूवाल नगर, सौ फुटा रोड, थाना इज्जतनगर क्षेत्र में प्रभाकर मिश्रा द्वारा करीब 110 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पूर्व निर्मित भवन में निर्माण कार्य कराया जा रहा था। भवन के भूतल और प्रथम तल में से करीब 30 वर्गमीटर हिस्से में भूतल पर कॉलम खड़े कर निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण से स्वीकृति प्राप्त किए बिना किए जा रहे इस निर्माण के खिलाफ प्रवर्तन टीम ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम -1973 की धारा 28(क) के तहत कार्रवाई करते हुए निर्माण को सील कर दिया।
3000 वर्गमीटर में विकसित हो रही थी अवैध कॉलोनी ध्वस्त
दूसरी कार्रवाई सैदपुर हाकिंस, मिनी बाईपास के पास की गई।BDA के मुताबिक ललित गंगवार द्वारा बिना विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के करीब 3000 वर्गमीटर क्षेत्र में भूखंडों का चिन्हांकन,सड़क और बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण ने इसे अवैध कॉलोनी का निर्माण/विकास मानते हुए मौके पर पहुंचकर अवैध विकास कार्य को ध्वस्त कर दिया।
BDA की प्रवर्तन टीम ने की कार्रवाई
दोनों मामलों में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम -1973 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई विशेष कार्याधिकारी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। इस दौरान सहायक अभियंता विनोद कुमार, अवर अभियंता संदीप कुमार, अजीत साहनी और प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौजूद रही।
BDA ने लोगों को किया सावधान
बरेली विकास प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि lकिसी भी भवन का निर्माण या प्लाटिंग शुरू करने से पहले BDA से मानचित्र की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। प्राधिकरण के मुताबिक बिना स्वीकृत मानचित्र के किया गया निर्माण या प्लाटिंग अवैध माना जाएगा और उसके खिलाफ ध्वस्तीकरण समेत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। BDA ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि भवन या भूखंड खरीदने से पहले मानचित्र की स्वीकृति की पुष्टि जरूर करें, ताकि बाद में अवैध निर्माण या प्लाटिंग के कारण कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
