बाराबंकी : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के आलियाबाद गांव में मदरसा पढ़ने जा रहे एक ही परिवार से जुड़े पांच मासूम बच्चों पर अचानक वर्षों पुरानी जर्जर ईंट की दीवार ढह गई। हादसे में सगे भाई-बहन समेत दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।
मदरसा जाते समय अचानक भरभराकर गिरी दीवार
जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार सुबह बच्चे रोज की तरह मदरसा जाने के लिए गांव की संकरी गली से गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां स्थित एक पुरानी और जर्जर ईंट की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में पांचों बच्चे दब गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सगे भाई-बहन की मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती
हादसे में गांव निवासी मुस्लिम के 7 वर्षीय पुत्र हुजैफा और 14 वर्षीय पुत्री हाजरा बानो की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों सगे भाई-बहन थे। वहीं 8 वर्षीय हस्सान (पुत्र सलमान), 4 वर्षीय हानिया (पुत्री सलमान) और 14 वर्षीय मोहम्मद अदनान (पुत्र अब्दुल मन्नान) गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
बच्चों की चीख सुन दौड़े ग्रामीण, जर्जर दीवार पर पहले भी उठे थे सवाल
दीवार गिरने की तेज आवाज और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि यह दीवार कई वर्षों से जर्जर थी। लगातार बारिश के कारण इसकी हालत और खराब हो गई थी। लोगों ने कई बार दीवार के मालिक से इसे हटाने या मरम्मत कराने की मांग भी की थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
पुलिस-प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों मृत बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
