बागपत में दो दोस्तों की हत्या, मंदिर परिसर में दफनाए शव; महंत फरार, दो शिष्य गिरफ्तार
चांदीनगर क्षेत्र के सिगोली तगा गांव का मामला, शक न हो इसलिए शवों के ऊपर टाइल्स लगवाने का आरोप; पुलिस ने खुदाई कर दोनों शव बरामद किए
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दो दोस्तों की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चांदीनगर थाना क्षेत्र के सिगोली तगा गांव में दोनों युवकों के शव मंदिर परिसर से बरामद किए गए हैं। हत्या का आरोप मंदिर के महंत नरेश नाथ पर लगा है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने महंत के दो शिष्यों को गिरफ्तार किया है।
मंदिर परिसर में दफन मिले दोनों शव
चांदीनगर थाना प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार, गुरुवार तड़के मंदिर परिसर में खुदाई कराकर दोनों शव बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक शव काफी सड़-गल चुके थे। कपड़ों और घड़ी के आधार पर दोनों की पहचान अंकित और इसरार के रूप में हुई है। पुलिस मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। आरोप है कि शवों को दफन करने के बाद ऊपर से टाइल्स लगवा दी गई थीं, ताकि किसी को शक न हो।
25 जुलाई से लापता थे दोनों दोस्त
पुलिस के मुताबिक अंकित की उम्र करीब 25 वर्ष थी और वह दिव्यांग था। वह अपनी मां और पांच बहनों के साथ रहता था और परिवार का इकलौता बेटा था। वहीं 32 वर्षीय इसरार मजदूरी करता था। वह पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता था। इसरार के पिता के अनुसार, अंकित और इसरार 25 जुलाई की दोपहर बाइक से घर से निकले थे। अगले दिन भी दोनों का पता नहीं चला। 27 जुलाई को दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। इसके बाद 29 जुलाई को चांदीनगर थाने में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
आखिरी लोकेशन मंदिर के आसपास मिली
करीब एक सप्ताह तक दोनों युवकों का पता नहीं चलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। कॉल डिटेल, आखिरी लोकेशन और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर के महंत नरेश नाथ पर शक हुआ। जांच में सामने आया कि अंकित और इसरार को आखिरी बार मंदिर के आसपास देखा गया था।
छापे से पहले फरार हुआ महंत
पुलिस ने बुधवार रात मंदिर में छापा मारा, लेकिन महंत नरेश नाथ मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके दो शिष्यों कृष्ण यादव और उज्ज्वल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों शिष्यों ने युवकों की हत्या और शवों को मंदिर के पीछे दफनाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार तड़के खुदाई कर दोनों शव बरामद कर लिए।
महंत और अंकित की बहन की नजदीकी का भी जिक्र
पुलिस जांच में महंत और अंकित की बहन के बीच कथित नजदीकी की बात भी सामने आई है। इसरार के भाई फरीद ने पुलिस को बताया कि अंकित की बहन की महंत नरेश नाथ से दोस्ती थी। परिवार और ग्रामीणों की ओर से समझाने के बावजूद दोनों के बीच संबंध खत्म नहीं हुए थे। पुलिस इस पहलू को भी हत्या की वजह से जोड़कर जांच कर रही है।
एक साल पहले गांव से निकाल दिया गया था महंत
ग्रामीणों के मुताबिक नरेश नाथ मूलरूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। वह पहले गांव में अंकित के पड़ोस में रहता था और पूजा-पाठ कराता था। ग्रामीणों ने उसके आचरण को लेकर करीब एक साल पहले उसे गांव से निकाल दिया था। इसके बाद वह गांव से करीब दो किलोमीटर दूर मंदिर में अपने दो शिष्यों के साथ रहने लगा था।
महंत की तलाश में जुटी पुलिस
बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज राय के अनुसार, शुरुआती जांच में अंकित की बहन से महंत की कथित दोस्ती और उसके विरोध को हत्या की वजह से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि मामले की पूरी तस्वीर महंत की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस फरार महंत की तलाश कर रही है और मंदिर परिसर व आसपास के सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
