अमरोहा : चांदपुर मार्ग पर ग्राम चुचैला कलां स्थित मटर फ्रोजन प्लांट में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। यहां अपराइट इनोवेटिव सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से संचालित मटर फ्रोजन प्लांट में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। गैस का रिसाव होते ही प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि उस समय प्लांट में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे। गैस के तेज प्रभाव के कारण कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद सभी कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए प्लांट से बाहर की ओर भागने लगे।
कर्मचारियों में मची भगदड़, कई की हालत बिगड़ी
अचानक हुए गैस रिसाव से प्लांट के अंदर मौजूद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। अधिकतर कर्मचारी तो तुरंत बाहर निकल आए, लेकिन कुछ महिला कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि करीब छह महिला कर्मचारी अमोनिया गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गईं या उनकी हालत गंभीर हो गई। प्रबंधन से जुड़े लोग तुरंत इन महिला कर्मचारियों को लेकर चुचैला कलां स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार कराया गया।
अस्पताल में कराया गया प्राथमिक उपचार
निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी महिला कर्मचारियों का इलाज किया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया। डॉक्टरों की देखरेख में कुछ समय तक उन्हें अस्पताल में रखा गया। बताया जा रहा है कि जब महिला कर्मचारियों की स्थिति सामान्य हो गई तो प्रबंधन से जुड़े लोग उन्हें अस्पताल से किसी अज्ञात स्थान पर लेकर चले गए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्लांट प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति की ली जानकारी
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह ने बताया कि प्लांट में गैस रिसाव की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि इस घटना में दो महिला कर्मचारियों की हालत खराब हुई थी। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद उनकी तबीयत में सुधार हो गया और बाद में उन्हें घर भेज दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गैस रिसाव के बाद इलाके में दहशत
मटर फ्रोजन प्लांट में गैस रिसाव की घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गैस का रिसाव ज्यादा होता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों के अनुसार फैक्टरी चांदपुर मार्ग पर स्थित है और यहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है। गैस रिसाव के बाद कुछ समय तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब प्लांट में कोई हादसा हुआ हो। करीब छह महीने पहले भी गांव के ही इरफान नाम के युवक के साथ काम के दौरान हादसा हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा पर उठे सवाल
जनपद में पहले भी गैस रिसाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खासकर औद्योगिक क्षेत्रों में कई बार ऐसे हादसे होते रहे हैं। सामाजिक और किसान संगठन भी कई बार इसके खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रबंधन ने घटना से जताई अनभिज्ञता
दूसरी ओर मटर फ्रोजन प्लांट के प्रबंधक मनीष चौधरी ने इस मामले में कहा कि वह किसी निजी काम से बाहर हैं और उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जाता, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
