मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा पर लगाए आरोप, 24 अक्टूबर को पीडीए प्रहरियों से सतर्क रहने की अपील, 26 नवंबर को ‘जन-मन का मैनीफेस्टो’ जारी करने का ऐलान
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद भी कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर एक ही व्यक्ति के नाम पर दो, तीन, चार और यहां तक कि 10 वोट दर्ज होने की शिकायतें के सामने आई हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि एक व्यक्ति के नाम पर 10 वोट मिल रहे हैं, तो इसे छोटी-मोटी गलती नहीं, बल्कि बड़ी गड़बड़ी माना जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर में पूर्व मंत्री विद्या चौधरी के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ये बातें कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में हार की आशंका होने पर बेईमानी करती है और चुनाव आयोग की मिलीभगत से मतदाता सूची में गड़बड़ियां होती हैं।
24 अक्टूबर को फिर सक्रिय रहने की अपील, बूथों पर निगरानी के निर्देश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के सजग और सक्रिय ‘पीडीए प्रहरियों’ की सराहना करते हुए उनसे 24 अक्टूबर को भी मुस्तैद रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि एसआईआर के कारण परेशान मतदाताओं की हरसंभव मदद की जाए। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने बूथों पर सतर्क रहने, पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने और कथित फर्जी नाम जुड़ने से रोकने को कहा। सपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा पर निशाना साधते हुए सतर्क रहने की सलाह दी। उनका आरोप है कि भाजपा ने जनता का भरोसा खो दिया है और सत्ता बचाने के लिए झूठ तथा बेईमानी का सहारा ले रही है। उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार, अपराध, कानून-व्यवस्था और किसानों, युवाओं, महिलाओं तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी भाजपा सरकार की आलोचना की।
पीड़ा, दुख और अपमान’ का मुद्दा उठाकर सामाजिक न्याय पर जोर
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जातिगत भेदभाव और असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पीडीए समाज के लोगों को जाति के आधार पर पीड़ा, दुख और अपमान का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि अब विदेशी लोग भी जातिगत भेदभाव से जुड़ी परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जातिगत गैरबराबरी और असमानता को जड़ से समाप्त करने के लिए पीडीए सरकार का आना जरूरी है। उनके शब्दों में, “पीडीए सरकार आएगी, सामाजिक न्याय का राज लाएगी।
26 नवंबर को ‘जन-मन का मैनीफेस्टो’ जारी करने का ऐलान
समाजवादी पार्टी की ओर से साझा किए गए एक अन्य संदेश में अखिलेश यादव ने ‘सत्ताइस का संकल्प : पीडीए का प्रणपत्र’ का उल्लेख किया। संदेश के मुताबिक, पार्टी 26 नवंबर 2026, संविधान दिवस के अवसर पर ‘जन-मन का मैनीफेस्टो’ जारी करेगी।
विजयादशमी पर न्याय और सत्य की जीत का संदेश
विजयादशमी के अवसर पर अखिलेश यादव ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि अहंकार और अत्याचार का परिणाम हमेशा बुरा होता है। अपने संदेश में उन्होंने पीडीए को एकरंगी ताकतों के मुकाबले विजय के लिए संकल्पित बताया।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
