15 छात्रों की मौत पर जताया शोक, सुरक्षा नियमों की अनदेखी को बताया हादसे की वजह, तीन मुख्यमंत्रियों को हटाने की भाजपा की तैयारी का भी किया दावा
लखनऊ : राजधानी लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोना दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है। इसके साथ ही उन्होंने हादसे के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार पर सवाल उठाए। एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और दिल तोड़ने वाली है। उन्होंने कहा कि कई छात्र अपने परिजनों को फोन कर मदद मांग रहे थे और कई लोग फायर ब्रिगेड को लगातार कॉल कर रहे थे। ऐसे में उन परिवारों के दर्द की कल्पना भी नहीं की जा सकती, जिन्होंने अपने होनहार बच्चों को खो दिया।
“सुरक्षा नियमों का पालन होता, तो हादसा नहीं होता”
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि भवन में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन नियमों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्थाओं में लापरवाही की वजह से कई परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी।
भाजपा तीन मुख्यमंत्री बदलना चाहती है : अखिलेश
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर राजनीतिक हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी अपने तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने का रास्ता तलाश रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों पर लगाए जा रहे आरोप उसी रणनीति का हिस्सा हैं, और इसका असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी पड़ सकता है।
मोहन यादव विवाद पर भाजपा पर साधा निशाना
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर लगे भूमि विवाद के आरोपों को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगी है।
SIT जांच और दवाओं को लेकर भी तंज
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एसआईटी जांच को लेकर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “SIT का मतलब यह देखा जा रहा है कि शेयर किसे मिला।” इसके अलावा उन्होंने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले 500 एमजी की दवा में बुखार उतर जाता था, लेकिन अब 650 एमजी में भी राहत नहीं मिलती।
मीडिया की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कुछ समाचार चैनलों और मीडिया संस्थानों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चैनल निष्पक्ष पत्रकारिता नहीं कर रहे हैं। वहीं एक समाचार एजेंसी के पत्रकार के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की आवाज दबाना चिंताजनक है।
