बरेली : हाल ही में कई राज्यों में सामने आए अग्निकांडों के बाद बरेली रेंज में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। डीआईजी अजय कुमार सहनी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोचिंग सेंटर, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल,मॉल, होटल और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कोचिंग से लेकर अस्पताल तक समेत सभी संस्थानों की जांच
डीआईजी के निर्देश पर चारों ज़िलों में कोचिंग सेंटर, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, अस्पताल, नर्सिंग होम, मॉल, होटल, बारातघर और बहुमंजिला भवनों की सूची तैयार कर सत्यापन कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान भवनों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग, आपातकालीन निकासी के इंतजाम, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और क्षमता से अधिक लोगों की मौजूदगी की जांच की जाएगी।
फायर सिस्टम, बिजली और निकासी मार्गों पर विशेष फोकस
अभियान के दौरान यह भी देखा जाएगा कि भवनों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और इमरजेंसी लाइट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं। साथ ही आपातकालीन निकास मार्ग अवरुद्ध तो नहीं हैं, सीढ़ियों या रास्तों पर अवैध निर्माण तो नहीं किया गया है। बिजली की वायरिंग, लोड क्षमता और गैस सिलेंडर जैसी ज्वलनशील वस्तुओं के सुरक्षित उपयोग की भी जांच कराई जाएगी।
नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उत्तर प्रदेश अग्नि सुरक्षा अधिनियम, राष्ट्रीय भवन संहिता और अन्य संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। जहां भी गंभीर लापरवाही या सुरक्षा में खामियां मिलेंगी, वहां संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मॉक ड्रिल और सुरक्षा जागरूकता पर भी जोर
पुलिस और प्रशासन स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और अस्पतालों में समय-समय पर अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल कराने के लिए संबंधित विभागों को प्रेरित करेंगे। छात्रों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी और बचाव के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा अग्निशमन विभाग, विकास प्राधिकरण, नगर निकाय और विद्युत विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण कर कमियों को दूर कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
