वंदे मातरम् को बैन करने वाले अंग्रेजों के साथ कौन खड़ा था? सपा प्रमुख का भाजपा पर सीधा सवाल, जिन्होंने तिरंगा नहीं फहराया, वे वंदे मातरम् पर भाषण दे रहे हैं!
नई दिल्ली/लखनऊ : संसद में वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हुई विशेष चर्चा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद अखिलेश यादव ने आज बीजेपी और सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवादी नहीं, बल्कि राष्ट्र-विवादी पार्टी है… जिसका इतिहास आजादी के आंदोलन से नहीं बल्कि विवाद और विभाजन से जुड़ा है।”
“वंदे मातरम् गाना नहीं… निभाना जरूरी है”: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम् केवल गाने का गीत नहीं, बल्कि उस भावना को निभाने का संकल्प है जिसने देश को आजाद कराया। उन्होंने कहा कि“पीछे मुड़कर देखें… वंदे मातरम् कितना निभाया जा रहा है? आज जो लोग राष्ट्रवाद का दिखावा करते हैं, वही समाज को बाँटने में लगे हुए हैं।”
अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर लगाया था बैन, बच्चों को जेल भेजी, सत्य ऐतिहासिक तथ्य
उन्होंने संसद में सत्य घटनाओं के हवाले से बताया कि 1905 से 1908 के बीच अंग्रेजों ने वंदे मातरम् पर प्रतिबंध लगाया था। बंगाल में स्कूल के बच्चों ने जब क्लास में गीत गाया,तो उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।।अंग्रेज जहां भी “वंदे मातरम्” सुनते, क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर लेते थे। उन्होंने कहा कि इस गीत ने स्वदेशी आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम में भारतीयों को एकजुट किया।
“जिन्होंने आजादी के आंदोलन में हिस्सा ही नहीं लिया… वे वंदे मातरम् की आत्मा क्या जानेंगे?”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा पर इतिहास को हड़पने का आरोप लगाया। बोले -“जो लोग आजादी के आंदोलन में शामिल ही नहीं थे,उन्होंने अंग्रेजों की मुखबिरी की, वे आज वंदे मातरम् और राष्ट्रवाद पर भाषण दे रहे हैं। यह राष्ट्रवाद नहीं, राष्ट्र-विवाद है।”उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद भी कुछ संगठनों ने तिरंगा नहीं फहराया और वंदे मातरम् नहीं अपनाया—ऐसे लोगों को इतिहास कटघरे में खड़ा करता है।
“BJP हर महान पुरुष को अपना बताने पर आमादा”
एसपी चीफ ने कहा कि सत्ता पक्ष हर विरासत को अपना बताने की कोशिश करता है, जब भाजपा बनी थी, तब उसके नेताओं को समाजवादी और सेकुलर लाइन अपनानी पड़ी थी, मजबूरी में जयप्रकाश नारायण की तस्वीरें मंच पर लगाई गईं। उन्होंने जवाब माँगा कि “आज सरकार बताए, वे कितने समाजवादी और कितने सेक्युलर हैं?”
“UP ने भाजपा की कम्युनल पॉलिटिक्स को उसी जगह खत्म किया, जहां से शुरू हुई थी”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “अयोध्या, जहां से विभाजनकारी राजनीति शुरू हुई थी। वर्ष 2024 में वहीं से इसकी हार का संदेश गया। उत्तर प्रदेश के लोगों ने देश को बताया कि भाईचारे की राजनीति ही देश को बचा सकती है।”
“26 हजार स्कूल बंद… और पढ़ने वाले बच्चों पर मुकदमे”
उन्होंने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा आरोप लगाया। सरकार ने 26,000 से ज्यादा प्राथमिक स्कूल बंद कर दिए। पीडीए समाज के लोगों ने जब बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी ली, तो सरकार ने बच्चों और पढ़ाने वालों पर मुकदमे दर्ज कर दिए। उन्होंने कहा, “यह कौन सा राष्ट्रवाद है?”
“वंदे मातरम् किसी दल का नहीं… भारत की आत्मा का गीत”
अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम् पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह गीत सभी भारतीयों को एकजुट करता है। वंदे मातरम् के दो शब्द ही हर सच्चे भारतीय में देशप्रेम की लौ जगाने के लिए काफी हैं। उन्होंने कहा कि “स्वतंत्रता सेनानियों का यह गीत जोड़ने के लिए है, तोड़ने के लिए नहीं।”
घोसी में मतदाता सूची घोटाला? सपा ने CEO को दिया ज्ञापन, जांच व कार्रवाई की माँग तेज
सपा ने घोसी विधानसभा (मऊ) में मतदाता सूची में हुई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तुरंत कार्रवाई की मांग की। यह ज्ञापन सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर दिया। सपा ने आरोप लगाया कि मतदेय स्थल संख्या 75 में बीएलओ को पहले दी गई 2003 की मतदाता सूची में 488 नाम दर्ज थे, लेकिन 7 दिसम्बर 2025 को अचानक दूसरी सूची देकर मतदाता संख्या 1318 कर दी गई, जिससे 830 अतिरिक्त मतदाताओं के सत्यापन का दबाव बीएलओ पर बनाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि दो दिन में गणना प्रपत्र भरवाकर बीएलओ ऐप में अपलोड कराने का अनुचित दबाव जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डाल रहे हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सपा ने यह भी आरोप लगाया कि घोसी विधानसभा के 100 से अधिक मतदेय स्थलों-जिनमें क्रम संख्या 3, 4, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 15, 18, 20, 21, 28, 31, 34, 38, 44, 46, 48, 49, 57, 62, 71, 73, 74, 75, 76, 77, 81, 84, 85, 95, 96, 97, 98, 99, 100, 102, 104, 109, 110, 113, 114 आदि शामिल हैं। सभी में 2003 की मतदाता सूची बदलकर 7 दिसंबर को नई सूची बीएलओ को दे दी गई।
इन्होंने सौंपा ज्ञापन
इस दौरान सपा नेता के.के. श्रीवास्तव और राधेश्याम सिंह ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,और लापरवाह व दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए,
ताकि एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
